कड़ाके की सर्दी से हलाकान हुए लोग

नवभारत न्यूज भिण्ड/सिरोंज

साल के आखिरी दिन सर्द हवाओं ने लोगों को कड़ाके की ठंड का एहसास कराया। यहां अल सुबह से ही आसमान में कोहरे की सफेद चादर तन गई, जिसके चलते सड़कों पर विजिबलटी बेहद कम रही। कोहरे के चलते रास्ता साफ न दिखाई देने से यहां वाहनों की रफ्तार थम गई। इस बीच न्यूनतम पारा 7 डिग्री सेल्सियश पर पहुंच गया।

रविवार को साल के आखिरी दिन कहरे और सर्द हवाओं ने अंचल में अपना असार दिखाया। सुबह से ही जिले भर में घना कोहरा छा गया, जिसके चलते यहां दृश्यता महज 5 मीटर ही रह गई। कोहरे की सफेद चादर फैलने से रास्ता साफ नही दिखाई दे रहा था, जिसके चलते यहां रास्ते पर वाहनों के पहिए पूरी तरह थम गए।

उत्तर भारत से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण हाड़ कंपाने वाली सर्दी का अहसास कराया, जिससे बचने के लिए लोग मजबूरन घरों में दुबके रहे। हालांकि रविवार का दिन होने से लोगों को दफ्तर और स्कूल न जाने से सर्द मौसम का लुत्फ उठाया।

न्यूनतम स्तर पर पहुुंचा पारा

ज्ञात हो कि दिसंबर महीने के अंत उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी होने के बाद सर्द हवाओं के चलने से लोगों को कड़ाके की ठंड का अहसास हुआ। रविवार को 5 किलो मीटर प्रति घण्टे की रफ्तार से चली बर्फीली हवाओं ने मौसम एकदम ठण्डा कर दिया।

अलाव बने सहारा

लगातार बढ़ती सर्दी व बर्फीली हवाओं के चलने से मौसम में कड़ाके की सर्दी अपना असर दिखाने लगी है। जिससे बचने के लिए नगरवासियों को अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। यह मौसम शहर के आवारा जानवरों के लिए आफत साबित हो रहा है। इस बीच नगर पालिका द्वारा अभी तक सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने के इंतजाम नही किया गया है।

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