सेंचुरियन,

भारतीय टीम जब तक जीतती रहती है तब तक टीम प्रबंधन का हर दांव और हर रणनीति कामयाब चलती रहती है लेकिन केपटाउन में पहले टेस्ट में मिली हार के बाद विश्व की नंबर एक टीम के सामने आलोचनाओं के रास्ते खुल चुके हैं और दूसरे टेस्ट की अंंतिम एकादश के लिये माथापच्ची चल रही है।

केपटाउन टेस्ट में भारतीय गेंदबाज़ों का प्रदर्शन तो शानदार रहा लेकिन बल्लेबाज़ों ने दोनों पारियों में अपने समर्पण से टीम की लुटिया डुबो दी।शनिवार से सेंचुरियन में शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट के लिये भारतीय खेमे में मंथन का दौर जारी है जबकि बाहर से टीम को पूर्व दिग्गज क्रिकेटरों से सलाहें मिल रही हैं कि उन्हें कैसी एकादश के साथ उतरना चाहिये।

अंतिम एकादश के लिये पहला परिदृश्य तो नेट अभ्यास में ही दिखाई दे रहा है जहां केपटाउन में बेंच पर बैठे लोकेश राहुल, अजिंक्या रहाणे, पार्थिव पटेल और इशांत शर्मा पसीना बहाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।इन चारों खिलाड़ियों को उम्मीद दिखाई दे रही है कि सेंचुरियन में उनके लिये एकादश का रास्ता खुल सकता है।

पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली का मानना है कि पहले टेस्ट में फ्लॉप रहे ओपनर शिखर धवन और मध्यक्रम के बल्लेबाज़ रोहित शर्मा को बाहर बैठा कर राहुल और रहाणे को मौका दिया जाना चाहिये।लेकिन पूर्व दिग्गज ओपनर वीरेंद्र सहवाग का मानना है कि शिखर और रोहित को बाहर नहीं रखा जाना चाहिये क्योंकि ये तेज़ी से रन बनाने में सक्षम हैं और दूसरे टेस्ट में भारतीय रणनीति में कारगर साबित होंगे।हालांकि सहवाग का यह भी कहना है कि भारतीयों के लिये अब सीरीज़ में वापसी बहुत मुश्किल हो गयी है।

केपटाउन में बल्लेबाज़ों के फ्लॉप प्रदर्शन के बाद अब यह मांग बराबर उठ रही है कि शिखर को बाहर रखा जाए अौर राहुल को मौका दिया जाए।एक पक्ष यह भी कह रहा है कि विकेटकीपर रिद्धिमान साहा का बल्ले से प्रदर्शन अच्छा नहीं है इसलिये उन्हें बाहर बैठाकर पार्थिव पटेल को मुरली विजय के साथ ओपनिंग में उतारा जाए और रहाणे को मध्यक्रम में एक अतिरिक्त बल्लेबाज़ के रूप में उतारा जाए।

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