मोटर साइकिल बस के नीचे आ जाने के कारण उसमें लगी आग से बस भी आग की चपेट में आई

  • मोटर साइकिल सवार चार लोगों की मौत

नवभारत न्यूज बाकानेर/मनावर

बाकानेर बाईपास के अंधे मोड पर बस एवं मोटरसाईकल की जबरजस्त भिंडत में मोटरसाईकल पर सवार मां कुसुम बाई राठौड उम्र 55 वर्ष, पुत्र शुभम पिता मांगीलाल 20 वर्ष, पुत्र कृष्णा पिता मांगीलाल उम्र 23 वर्ष सभी निवासी बडवाह, काका संतोष पिता उंकार उम्र 45 वर्ष की घटनस्थल पर ही मृत्यु हो गई तथा मोटरसाइकिल बस के नीचे आ जाने के कारण उस में लगी आग से बस भी आग की चपेट में आ गई व बुरी तरह जलकर खाक हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार माता की आराधना के 9 दिन पूरे होने पर रामनवमी के दिन कुल देवी पूजने का बड़ा महत्व होता है परिवार के लोग कहीं पर भी हो लेकिन इस दिन कुलदेवी की पूजा करने के अपने ग्राम नगर जरूर आते हैं या फिर जहां पर कुलदेवी स्थापित है वहां पहुंचते हैं।

राठौड परिवार भी बडवाह से कुलदेवी पूजन के लिए बाकानेर के समीप नर्मदा किनारे स्थित ग्राम उरदना आ रहा था। चुंकि गांव में जाने के लिए बस सुविधा नहीं होने के कारण एक ही मोटरसाईकिल पर मां दो बेटे एक देवर चारों माता पूजन के लिये कच्चा अनाज एवं बर्तन आदि भी साथ लेकर आ रहे थे।

अचानक बाकानेर बाईपास के अंधे मोड पर टर्न लेते समय मोटरसाईकल का हेण्डल में बर्तनो की थैली फंस जाने से हेण्डल मुड नही पाया जिससे मोटरसाईलक कुक्षी से इंदौर जा रही सूरज ट्रेवल्स की पाटीदार बस क्र एमपी 10 पी 1143 की चपेट में आ गई।

जिससे मां, दो बेटे एवं देवर चारों की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई तथा मोटरसाईकल के बस के नीचे घुसने तथा बस के साथ घसीटने के कारण बाईक ने आग पकड ली जिससे बस में भी आग लग गई तथा देखते ही देखते बस धुं धुं कर जलने लगी। घबराये यात्री बस से उतरकर भागे तथा जान बचाने के चक्कर मे यात्रियो को सामान बस में ही छोडना पडा जो जलकर नष्ट हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही एसडीओपी आंनद सिंह वास्केल भी घटनास्थल पर पहुंच गये थे। बाकानेर चौकी प्रभारी के आर पाटिल तथा हेड कांस्टेबल राजेश कंसाना मौके पर पहुंचे तथा बस के नीचे से तीनो शवो को बाहर निकाला गया तथा कृष्णा का शव बस के नीचे ही बुरी तरह जल गया। बहुत देर तक शवों को पहचानने की कोशिश की जाती रही पश्चात् सोशल मीडिया पर फोटो को वायरल किया गया तब कहीं जाकर मृतको की पहचान बड़वाह के राठौड़ परिवार के होना पाया गया।

दोपहर पश्चात् परिवार के लोग मनावर पहुंचे तथा चारो शवो का पोस्टमार्टम बाकानेर के चिकित्सक डा. निलेश पाटीदार द्वारा किया गया तथा पोस्टमार्टम कर शव परिजनो को सौंपा गया। परिजनो द्वारा शवो को गृह नगर ना ले जाते हुए खलघाट में नर्मदा किनारे उनका अंतिम सस्ंकार किया गया।

चुंकि मृतकों के पिता की मृत्यु पहले ही हो चुकी थी परिवार में दो बहनों का विवाह हो चुका था तथा घर में 85 वर्ष की एक दादी रूकमणीबाई पति उकांर राठौर जिन्हें आंखों से दिखाई नहीं देता व कानो से सुनाई भी नहीं देता हैं वही जीवित बची हैं।

घटना की सूचना से राठौर समाज एवं परिजनो में मातम छा गया। घटना की सुचना मिलते ही विधायक रंजना बघेल ने घटना पर शोक व्यक्त कर परिवार को पूरी मदद देने का आश्वासन दिया।

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