नयी दिल्ली,  उच्चतम न्यायालय ने उपहार सिनेमा अग्निकांड में सिनेमा हाॅल के मालिक गोपाल असंल को आत्मसमर्पण करने के लिये और समय देने से आज इनकार कर दिया । मुख्य न्यायाधीश जगदीश सिंह केहर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि श्री असंल को आत्मसमर्पण मामले में और समय नहीं दिया जा सकता।

न्यायालय इस मामले में श्री अंसल की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के पास माफी के लिए आवदेन किया गया है। न्यायमूर्ति केहर,न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति संजय किशन कॉल की खंडपीठ ने और समय देने से इनकार करते हुए कहा “ सॉरी हम यह नहीं कर सकते।”

श्री अंसल की तरफ जानेमाने वकील राम जेठमलानी ने शीर्ष न्यायालय से आत्मसमर्पण करने के लिये और समय देने के लिए अनुरोध किया था। न्यायालय ने अदालत ने इस कांड में श्री अंसल को शेष सजा भुगतने के लिये फैसला देते वक्त आत्मसमर्पण करने के लिये आदेश दिया था।

नई दिल्ली के पॉस इलाके ग्रीन पार्क स्थित उपहार सिनेमा में यह अग्निकांड 13 जून 1997 को हुआ था। उस समय सिनेमा घर में सन्नी देवेल की “ बॉर्डर” फिल्म का प्रदर्शन हो रहा था। आग लगने की बजह से 59 लोगों की मृत्यु हो गयी थी और भगदड़ होने से 100 से अधिक लोग घायल हुए थे।

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