dharधार,  भोजशाला में बसंत पंचमी के मौके पर विभिन्न हिंदू संगठन अखंड पूजा करने पर अड़ गए हैं. वहीं, प्रशासन शांति बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्धता जताते हुए पूजा और नमाज को लेकर अपने रुख पर कायम है.

लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाने वहां आज शाम को फ्लैग मार्च भी निकाला गया. सूत्रों ने बताया कि शाम छह बजे जिला पंचायत के सभा कक्ष में एक उच्च स्तरीय बैठक में स्थिति की समीक्षा की गई.

बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विपिन माहेश्वरी, इंदौर के संभागायुक्त संजय दुबे, धार कलेक्टर शुक्ला, धार पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. सूत्रों ने बताया कि आज शाम तक संबंधित पक्षों से बातचीत का क्रम भी जारी रहा.
प्रशासन ने 12 फरवरी को सूर्योदय से बारह बजे तक का समय पूजन के लिए निर्धारित किया है. इसके बाद एक बजे से तीन बजे तक नमाज पढने की व्यवस्था रहेगी. साढे तीन बजे से फिर से पूजन शुरू की जा सकेगी और आगंतुक सूर्यास्त तक पूजन कर सकते हैं.

भोजशाला परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस और प्रशासन ने श्रद्धालुओं के आने की संभावनाओं के मद्देनजर सुरक्षा संबंधी आवश्यक इंतजाम कर लिए हैं.
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने लोगों के बीच सुरक्षा का संदेश पहुंचाने के लिए आज शाम पांच बजे धार में फ्लैग मार्च निकाला. फ्लैग मार्च लालबाग चौक से शुरू हुआ और पूरे शहर का चक्कर लगाया.

भोजशाला परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) विभाग के अधीन है और एक दशक से अधिक समय पहले तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय यह मुद्दा काफी गर्माया था. इसके बाद से केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों के अनुरूप मंगलवार को पूजन और शुक्रवार को नमाज पढने की व्यवस्था की गयी है. हर साल बसंत पंचमी पर यहां हिंदू संगठनों द्वारा सरस्वती देवी की पूजा की जाती है. ऐसे में बसंत पंचमी और शुक्रवार एक ही दिन होने की स्थिति में प्रशासन को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पडते हैं.

हिंदूवादी संगठन बसंत पंचमी के कारण भोजशाला परिसर में निर्विघ्न रूप से सरस्वती पूजन करना चाहते हैं तो कतिपय संगठन शुक्रवार को जुमे की नमाज भी पढना चाहते हैं. इस स्थिति के मद्देनजर प्रशासनिक अधिकारी संबंधित प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे हैं और प्रशासन को उम्मीद है कि सब कुछ शांतिपूर्ण ढंग से निपट जाएगा.

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