ujjainउज्जैन,  मध्यप्रदेश की धार्मिक एवं प्राचीन नगरी उज्जैन में 22 अप्रैल से शुरु होने वालें सिंहस्थ महापर्व के पहले शाही स्नान सहित अन्य व्यवस्था को लेकर अखिल भारतीय अखाडा परिषद, जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस प्रशासन के बीच विचार मंथन किया गया।

शाही स्नान को लेकर यह बैठक यहां कल आयोजित हुई। इस बैठक में अखाडा परिषद के अध्यक्ष मंहत नरेन्द्र गिरी, महामंत्री महंत हरिगिरी, जूना, आव्हान, अग्नि, महानिर्वाणी, अटल, निरंजनी, आनंद, निर्वाणीअणी, दिगम्बर अणी , निर्मोही अणी , बडा उदासीन, नया उदासीन, निर्मल अखाडो के प्रमुख प्रतिनिधि, साधुसंत सहित अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक व्ही. मधुकुमार, संभागायुक्त रवीन्द्र पस्तौर, उप पुलिस महानिरीक्षक राकेश गुप्ता, कलेक्टर कवीन्द्र कियावत एवं पुलिस अधीक्षक एमएस वर्मा के अलावा सिंहस्थ मेला अधिकारी अविनाश लावनिया सहित समस्त जोन एवं सेक्टर प्रभारी पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

पुलिस नियंत्रण कक्ष में आयोजित बैठक में प्रमुख रूप से शाही स्नान पर्वो की तिथियां, नहान के लिये अखाडों के आने एवं जाने के मार्गो के संबंध में तथा समस्त अखाडो के नहान की समय सारणी के संबंध में विस्तृत रूप से चर्चा की गई।

संभागायुक्त ने कहा कि परम्पराओं का सम्मान एवं सुविधा के लिऐ कोई कसर नही छोडेगें। वहीं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक व्ही. मधुकुमार ने कहा कि पुलिस की पुख्ता इंतेजाम किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 25 हजार पुलिस बल को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिसमे से करीब 19 हजार पुलिस बल, अन्य सुरक्षा बल, सीआरपीएफ बल, फायर विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की तैनाती की जा चुकी है।

अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत नरेन्द्रगिरी महाराज ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि शाही स्नान में अधिक से अधिक श्रध्दालुओं को मेला क्षेत्र में आने दिया जाए और पुलिसकर्मी साधु संतों सहित आम श्रध्दालुओं से मर्यादित भाषा का प्रयोग करें।

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