02dishaभोपाल, मुख्य सचिव अन्टोनी डिसा ने बोनसाई क्लब भोपाल के रजत जंयती वर्ष पर तीन दिवसीय अखिल भारतीय समिट तथा प्रदर्शनी का शुभारंभ किया.श्री डिसा ने कहा कि बोनसाई वृक्ष को विकसित करना धैर्य, संतुलन, सौन्दर्य और स्नेह का परिचायक है.

बोनसाई वृक्ष पूर्णरूप से कृत्रिम नहीं है और न ही पूर्ण प्राकृतिक है.यह संतुलन ही बोनसाई कला की विशेषता है.उन्होंने कहा कि जैसे भारत में लोग योग का अभ्यास और साधना करते हैं वैसे ही जापान में बोनसाई वृक्ष को अभ्यास का परिणाम माना जाता है.यह वर्षों के प्रेम, धैर्य और प्रयास की अभिव्यक्ति होता है.इसी कारण जापान में बोनसाई वृक्ष विरासत में दिये जाने की परिपाटी भी है. मुख्य सचिव डिसा ने कहा कि इस आयोजन से प्रदेश में बोनसाई गतिविधियों को विस्तार मिलेगा.

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