arunनयी दिल्ली,   केन्द्रीय वित्त मंत्री एवं राज्यसभा में सदन के नेता अरूण जेटली ने आज कहा कि अदालत में किसी मामले के विचाराधीन होने से कानून बनाने के संसद का अधिकार खत्म नहीं हो जाता है।

श्री जेटली ने आज राज्यसभा में ‘आधार’ विधेयक 2016 रिपीट 2016 को पेश करने के दौरान माकपा के सीताराम येचुरी तथा सपा के नरेश आग्रवाल द्वारा उठाए गए व्यवस्था के प्रश्न का जवाब देते हुए यह बात कही। यह विधेयक लोकसभा पारित कर चुकी है और आज संसद के बजट सत्र को पहले चरण का अंतिम दिन है।

श्री येचुरी ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि आधार का मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है और एक पाँच सदस्यीय पीठ उस पर विचार कर रही है। इसलिए संसद इस विचाराधीन विधेयक पर कानून नहींं बना सकती क्योंकि कल उच्चतम न्यायालय इस कानून को अवैध भी ठहरा सकता है। उन्होंने आधार विधेयक 2015 को मनी बिल के रूप में पेश किए जाने पर भी आपत्ति की। श्री अग्रवाल ने भी पहले व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि आधार बिल को मनी बिल के रूप में पेश करना गैर संवैधानिक है।

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