आदि शंकराचार्य एकात्म यात्रा जन-संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम

भोपाल,

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भौतिकता की अग्नि में दग्ध दुनिया को शांति का दिगदर्शन अद्वैत दर्शन ही करायेगा.

भारतीय सांस्कृतिक एकता एवं सामाजिक समरसता के ध्वज वाहक आदि गुरू शंकराचार्य द्वारा बताए गए अद्वैतवाद दर्शन में दुनिया की सब समस्याओं का समाधान निहित है. चौहान आज ग्वालियर में आदि गुरू शंकराचार्य की प्रतिमा के लिये धातु संग्रहण एवं जन-जागरण के उद्देश्य से आई एकात्म यात्रा के जन-संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.

कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री माया सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया, महापौर विवेक नारायण शेजवलकर, जिला पंचायत अध्यक्ष मनीषा भुजवल सिंह यादव एवं अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में भगवान को प्राप्त करने के तीन मार्ग ज्ञानमार्ग, भक्तिमार्ग एवं कर्ममार्ग बताए गये हैं. आदि गुरू शंकराचार्य ज्ञान, भक्ति एवं कर्म मार्ग के त्रिवेणी संगम थे. जिस समय भारतीय समाज विभिन्न मत-मतांतर एवं कर्मकाण्डों में उलझा हुआ था, ऐसी विपरीत परिस्थितियों में आदि गुरू शंकराचार्य भारतीय सनातन संस्कृति के प्रणेता के रूप के सामने आए.

उन्होंने भारत को चारों दिशाओं में जोडऩे का काम किया. आदि गुरू ने भारत के चारों कोनों में चार मठों की स्थापना की और अद्वैत दर्शन को जन-जन तक पहुँचाया. आदि गुरू शंकराचार्य ने मानव मात्र में एकात्मता का उदघोष किया.

उन्होंने संदेश दिया कि मानव मात्र सहित प्रत्येक जीव में एक ही चेतना है और हम सब एक ही परमात्मा की संतान हैं. चौहान ने कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व के कल्याण की बात कहती है. जब सभी प्राणियों में एक ही आत्मा है तो जातिवाद, संप्रदायवाद व क्षेत्रवाद जैसी बातों का कोई अर्थ नहीं रह जाता. हमारी संस्कृति कहती है कि पशु-पक्षियों, पेड़-पौधों में भी एक ही चेतना और ईश्वर का वास है.

 

आदि गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा का अनावरण

मुख्यमंत्री चौहान ने ग्वालियर के इटालियन गार्डन में आदि गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा का आज अनावरण किया. नगरीय विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह, महापौर श्री विवेक नारायण शेजवलकर, सभापति श्री राकेश माहौर एवं साडा अध्यक्ष श्री राकेश जादौन सहित मेयर इन काउंसिल के सदस्य एवं पार्षदगण आदि उपस्थित थे.

एकात्म यात्रा के जन-संवाद कार्यक्रम में ग्वालियर पधारे मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नगर निगम द्वारा स्थापित की गई प्रतिमा का अनावरण करते हुए कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य अद्वैत वेदांत के प्रणेता और प्रसिद्ध शैव आचार्य थे. आदि गुरु के द्वारा भारतवर्ष में चार मठों की स्थापना की गई है. आदि गुरु ने धर्मराज्य की स्थापना के लिये व्यासपीठ तथा राजपीठ में सद्भावपूर्ण संवाद के माध्यम से सामन्जस्य बनाये रखने की प्रेरणा प्रदान की.

 

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