खाली पड़े हैं दफ्तर

भोपाल,

मध्यप्रदेश में नये साल से पहले मंत्रालय के 40 फीसदी अधिकारी, कर्मचारी छुट्टी पर चले गये हैं, जिससे दूरदराज से राजधानी पहुंचने वाले लोग परेशान हैं. छुट्टी लेने वालों में ज्यादातर आईएएस अधिकारी शामिल हैं, जिससे मंत्रालय, ङ्क्षवध्यालय और सतपुड़ा का कामकाज प्रभावित हो रहा है.

एक तरफ राजधानी में जहां दिव्यांग, अतिथि शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, वहीं अफसरों के छुट्टी पर जाने से सरकार की मुश्किलें और बढ़ गईं हैं. 26 दिसंबर से शुरू हुई छुट्टियां नये साल 3 जनवरी तक खत्म होंगी इसीलिये सरकार ने कैबिनेट बैठक भी आगे बढ़ाकर 3 जनवरी को रखी है.

तकरीबन 20 प्रमुख सचिवों ने अवकाश ले रखा है. ज्यादातर अफसरों ने 2 जनवरी तक छुट्टी ले रखी है. छुट्टी लेने वाले आईएएस अफसरों में अपर मुृख्य सचिव ए.पी. श्रीवास्तव, सामान्य प्रशासन विभाग अपर मुख्य सचिव प्रभांशु कमल, प्रमुख सचिव दीप्ति गौड़ मुखर्जी, प्रमुख सचिव प्रमोद अग्रवाल, मलय श्रीवास्तव, अजीत केसरी, विनोद कुमार, के.सी. गुप्ता, वीरा राणा, मनोज गोविल और मनोहर दुबे अवकाश पर हैं.

अधिकारियों की देखा-देखी कर्मचारी भी छुट्टी पर चले गये हैं, जिससे काफी परेशानी का सामना लोगों को करना पड़ रहा है. लोग भटक रहे हैं. दूरदराज से आने वालों का कहना है कि भोपाल पहुंचने में उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं और अधिकारी, कर्मचारी छुट्टी पर चले गये हैं.

वहीं दूसरी ओर छुट्टी को लेकर कांग्रेस का कहना है कि एम.पी. के पिछड़ेपन को दूर करने के लिये अधिकारियों को 24 घंटे काम करने की जरूरत है, लेकिन अधिकारी छुट्टी लेकर मौज कर रहे हैं.

सरकार को इन अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही करना चाहिये. वहीं मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान भी नये साल की अगवानी करने के लिये प्रदेश के बाहर जा रहे हैं. मुख्यमंत्री केरल और शिर्डी के सांईबाबा के दर्जन करने जायेंगे.

नगर निगम व बीडीए में भी रहा सन्नाटा

नगर निगम व बीडीए में भी सन्नाटा पसरा हुआ है. अनेक अधिकारी अवकाश पर हैं. निगम में उपायुक्त स्तर के तीन अधिकारियों के कक्ष गुरुवार को खाली नजर आये, तो बीडीए में लोग रजिस्ट्री कराने के लिये भटकते रहे. स्थिति यह रही कि सर्विस प्रोवाइडर ने 1 हजार निर्धारित शुल्क के स्थान पर 5 हजार रुपये से भी अधिक वसूले.

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