जर्जर इमारतों में चल रहे व्यावासयिक प्रतिष्ठान किसी भी दिन हो सकता है बड़ा हादसा

नवभारत न्यूज भोपाल,

भोपाल के जिम्मेदार इन्दौर हादसे से सबक न लेकर किसी अनहोनी घटना के होने का इंतजार कर रहे, तभी इकबाल मैदान स्थित दशकों पुराना शौकत महल, जो म.प्र की धरोहर है, लेकिन वो आज अव्यवस्था का शिकार हो चुका है. और पूरी तरह जर्जर हो चुका है.

इमारत का कई हिस्सा या तो टूट चुका है, या उन में दरारे पड़ गयी, और वो कभी भी जमीदोज हो सकती है. इमारत में मस्जिद, एक सहकारी बैंक, व शिक्षण सस्थांन चल रहा है, और तो और लोक निर्माण विभाग का कार्यालय भी इसी में स्थित है, जिसमें रोज सैकड़ो लोगों का आना जाना लगा रहता है. और कभी भी किसी अप्रिय घटना से जान माल की हानि हो सकती है, लेकिन उसे रोक न लगाकर बल्कि इमारत में व्यावासयिक प्रतिष्ठान खोलने की होड़ सी लग गई है.

शौकत महल को नगर निगम द्वारा जर्जर बिल्डिंग घोषित किया जा चुका है. और हर साल बारिश के मौसम में इसका कोई ना कोई हिस्सा भरभराकर गिर जाता है, निगम द्वारा पिछले साल इकबाल मैदान के रास्ते को रोककर शौकत महल के कुछ हिस्से को गिराया भी जा चुका है.

अब बारिश का मौसम फिर आने वाला है, और इस बार शौकत महल में व्यावासयिक प्रतिष्ठान की बहार सी है. इस जर्जर भवन को व्यवसायिक भवन में तब्दील कर दिया गया है, यहां की दीवारों में बड़े-बड़े क्रेक्स और छत की फर्श अतपहर लटकी हुई है.

किसी भी दिन यह की फर्श गिर सकती है, दीवारों के ऊपर पुट्टी भरकर क्रेक्स को छुपा दिया गया है. इमारत में कभी भी बहुत बड़ा हादसा हो सकता है और आमजन की जान-माल की हानि भी हो सकती है, पर प्रशासन का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है.ै अगर कोई भी हादसा होता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा.

वहीं दूसरी ओर जो लोग शौकत महल में स्थित दुकानों में आते हैं, अपनी गडिय़ां रोड पर ही पार्क करते हैं. दिन हो या रात हर समय इस रोड पर जाम लगना आम बात सी हो गई है, थोड़ा आगे चलकर हमीद मंजिल शादी हाल है. उनके पास कोई पार्किंग की जगह नहीं है, जब भी शादी के प्रोग्राम होते हैं, पूरी गाडिय़ां सदर मंजिल के सामने खड़ी हो जाती. जिस कारण आमजन को जाम से दो चार होना पड़ता हैं.

आधी इमारत खराब हो चुकी है, उनकी छत भी गिर चुकी है. यह हमारी धरोहर है,सरकार को इस पर कोई अनहोनी होने से पहले ध्यान देना होगा. क्योंकि यह इमारत दशकों पुरानी है, और अब यह मरम्मत मांग रही है.
आयूब अली खाँ, रहवासी

यहां पर जो भी व्यावसायिक गतिविधि चल रही है, सरकार को उस पर त्वारित कार्यवाई कर उसे रोकना चाहिए. क्योंकि कल को कोई घटना हो गई, तो जिम्मेदार कौन होगा.
गुलजार अली, रहवासी

सरकार अगर इसकी मरम्मत करा दे, तो यह इमारत पुन: जीवित हो जायेगी.पर सरकार इसकी ओर ध्यान नहीं दे रही, जिस कारण यह धरोहर खत्म होने की कगार पर है.
अमान, रहवासी

सरकार को इमारत को तोडक़र सडक़ का चौड़ीकरण करना चाहिए, क्योंकि सडक़ चौड़ी होने से जाम की समस्या से निजात मिलेगी.
इन्द्र मंगलानी,रहवासी

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