नयी दिल्ली,  उच्चतम न्यायालय ने मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश संबंधी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के खिलाफ अदालती संघर्ष करने वाली तमिलनाडु की अनिता की आत्महत्या की न्यायिक जांच संबंधी याचिका की त्वरित सुनवाई से आज इन्कार कर दिया। वकील जी एस मणि ने मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले का विशेष उल्लेख किया।

श्री मणि ने दलील दी कि दलित लड़की अनिता की आत्महत्या मामले की गम्भीरता को देखते हुए उनकी याचिका की त्वरित सुनवाई की जानी चाहिए, लेकिन न्यायालय ने ऐसा करने से इन्कार कर दिया। न्यायालय ने कहा, “मामले को नियमित प्रक्रिया के तहत सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जायेगा।”

याचिकाकर्ता श्री मणि ने अनिता की आत्महत्या की न्यायिक जांच के आदेश देने का न्यायालय से अनुरोध किया है। याचिका के अनुसार, तमिलनाडु सरकार को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाना चाहिए कि अनिता की मौत पर होने वाले विरोध प्रदर्शनों से सामान्य जनजीवन प्रभावित न हो। नीट के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में लड़ाई लड़ने वाली 17-वर्षीया अनिता ने गत शुक्रवार को आत्महत्या कर ली थी।

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