bpl1भोपाल,   90 वें के दशक में अपनी सुरीली आवाज से हर युवा की धड़कन को धड़कने वाली और अपने भजनों से वृद्धों को भक्ति रास में ले जाने वाली अनुराधा पौडवाल की आवाज आज भी लोगों को अपना दिवाना बना रहीं है.

रविवार को यह गायिका जब रवीन्द्र भवन के मंच पर पहुंची तो श्रोताओं में उत्साह भर गया. भोपाल उत्सव मेला समिति ने उनका सम्मान भी किया. संगीत संध्या में अनुराधा पौडवाल ने हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए गीत सुनायें.
ओअम भूर्भव: स्व…

अनुराधा हर मंच की तरह इस मंच पर भी सबसे पहले भजन गाते हुए दिखाई दीं. उन्होंने कार्यक्रम की शुरूआत मां गायत्री की आराधना करते हुए गायत्री मंत्र ओअम भूर्भव: स्व, तत्सवितुवरेण्यं..से की. इसके बाद उन्होंने कार्यक्रम को आगे बढ़ते हुए शिव भक्ति के गीत सुनायें.

पौडवाल ने मन मेरो मंदिर शिवम मेरी पूजा, बोलो सत्यम शिवम् सुंदरम…जैसे ही सुनाया वैसे ही हर कोई झूमने लगा.

अनुराधा ने ठंडी हवाओं के बीच शाम को आगे बढ़ते हुए शेर वाली माता का भजन तू ने मुझे बुलाया शेरा वालियें.. सुनाया तो वैसे हीं लोग शेर वाली माता के जयकर के नारें लगानें लगें. इस दौरान अनुराधा के साथ हारमोनियम पर अनुराधा के बेटे अदित्य पौडवाल, ढोलक पर मुंबई के शशिकांत शर्मा, गायन पर राजीव चौपड़ा, कीबोर्ड पर राजू रॉय, ओक्टोपेड पर प्रवीण और तबले पर मूलचंद्र रहें.