arunनयी दिल्ली,  केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि पूरे देश में एक समान अप्रत्यक्ष कर तंत्र बनाने एवं देश को एक बाजार बनाने के उद्देश्य से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने से महँगाई नहीं बढ़ेगी और धीरे-धीरे कर की दरें कम होंगी।

श्री जेटली ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने के लिए आवश्यक 122वाँ संविधान संशोधन विधेयक को कल रात राज्यसभा से सर्वसम्मति से पारित किये जाने के बाद आज यहाँ संवाददाताओं से कहा “देश में अप्रत्यक्ष कर सुधार की दिशा में कल का दिन ऐतिहासिक था जब भारतीय राजनीति की परिपक्वता देखने को मिली। एक दल (अन्नाद्रमुक) को छोड़कर सभी दलों ने सर्वसम्मति से इस विधेयक का समर्थन किया।”

उन्होंने कहा कि इस विधेयक में कुछ संशोधन किये जाने के मद्देजनर इसे फिर से लोकसभा में पेश किया जाना है और इसके लिए लोकसभा को नाेटिस दिया गया है। उन्होंने कहा कि 50 प्रतशित राज्य विधानसभाओं से इस विधेयक को मंजूरी मिलने पर संसद के अगले सत्र में केन्द्रीय जीएसटी और अंतरराज्यीय जीएसटी विधेयक पेश करने की पूरी कोशिश की जायेगी।

केन्द्रीय जीएसटी और अंतरराज्यीय जीएसटी विधेयकों को धन विधेयक की वजाय वित्त विधेयक के रूप में पेश किये जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इन विधेयको को जीएसटी परिषद् तैयार करेगी और विधेयकों को संविधान के तहत पेश किया जायेगा।

Related Posts: