सहरिया सम्मेलन में कन्याओं को दिए थे 2100 रुपये,
कलेक्टर ने कहा कन्याओं को 100 रुपए दिए थे

शिवपुरी,

सरकारी महकमा जरूरतमंद लोगों के हालात का मजाक कैसे उड़ाता है इस बात का अंदाजा शिवपुरी की इस घटना से लगता है.शिवपुरी में मुख्यमंत्री आदिवासी जनता को जो तोहफे देकर आए थे उन्हें वापस ले लिया गया.

हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि गांववालों को कोई गलतफहमी हुई है. बीते 9 दिसंबर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहरिया सम्मेलन में शामिल हुए थे. गांववालों ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि समारोह में मुख्यमंत्री ने आदिवासी कन्याओं को जो तोहफे और 2100 रुपये दिए थे, जिला प्रशासन ने सीएम के जाने के बाद वह सब वापस ले लिया.

हालांकि, इस मामले में शिवपुरी कलेक्टर ने कहा कि कन्याओं को केवल 100 रुपये दिए गए थे, न कि 2100. उन्होंने कहा कि गांववालों को कोई गलतफहमी हुई है.

उन्होंने बताया कि तोहफे में स्वेटर दिए थे. यहां रहने वाले सहरिया आदिवासियों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है. कुछ दिन पहले शिवपुरी में सहरिया आदिवासियों के घरों के बाहर लिख दिया गया था- मेरा परिवार गरीब है क्योंकि ये गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले लोग हैं.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इन आदिवासियों की हालत से अनजान नहीं हैं. पिछले दिनों शिवपुरी जिले के दौरे के दौरान शिवराज ने आदिवासी सम्मेलन में सहरिया आदिवासियों में बढ़ते कुपोषण पर चिंता जताई थी. उन्होंने कहा था, इस पर अंकुश लगाने के लिए इन परिवारों को राज्य सरकार सब्जी, फल और दूध के लिए हर माह एक हजार रुपए देगी.

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