हमीदिया अस्पताल में स्थापित हुई प्रदेश की पहली आधुनिक सीटी स्केन मशीन

  • राज्य मंत्री शरद जैन ने किया शुभारंभ

भोपाल,

चिकित्सा शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री शरद जैन ने कहा है कि प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन एवं चिकित्सा शिक्षा के लिए इस वर्ष 2018-19 में 2 हजार करोड़ रूपये की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है.उन्होंने बताया कि प्रदेश में आम आदमी को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तीव्र गति से कार्य किये जा रहे हैं.

यह बात शरद जैन ने गुरुवार को हमीदिया अस्पताल (गांधी मेडिकल कॉलेज) भोपाल में सी.टी. स्कैन के शुभारंभ अवसर पर कही. जैन ने इस मौके पर हमीदिया अस्पताल की वेबसाइट ई-सेहत का लोकार्पण भी किया.

इस वेबसाइट के जरिये मरीज ऑनलाइन एपाइमेंट ले सकेंगे. इससे मरीजों को कम समय में डॉक्टर से परामर्श, जाँच और दवाइयों की जानकारी भी मिल सकेगी. इस मौके पर अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा राधेश्याम जुलानिया, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा शिवशेखर शुक्ला, भोपाल संभाग आयुक्त अजातशत्रु श्रीवास्तव, डीन डॉ. एम.सी. सोनगरा, हमीदिया अस्पताल अधीक्षक डॉ. दीपक मरावी एवं रेडियो-डॉयग्नोसिस विभाग की प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. लवली कौशल उपस्थित थीं.

राज्य शासन द्वारा हमीदिया अस्पताल (गांधी मेडिकल कॉलेज) के रेडियोडॉयग्नोसिस विभाग में आउट सोर्सिंग के माध्यम से प्रदेश में पहली बार अत्याधुनिक एवं नवीन सी.टी. स्कैन मशीन की स्थापना की गई है. यह मशीन सभी प्रकार के मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर जाँच सुविधा उपलब्ध करवाने के लिये स्थापित की गई है. इस उच्च गुणवत्ता के कारण स्कैन में में बहुत कम समय लगता है.

मरीजों को मिलेगा सस्ता इलाज, विद्यार्थियों को अध्ययन की सुविधा

यह एक अत्याधुनिक मशीन है, जिसके द्वारा ऐसी जाँचें जो साधारण सी.टी. स्कैन मशीन पर नहीं की जा सकती थीं, इस मशीन द्वारा की जा सकेंगी. इस मशीन द्वारा दीनदयाल योजनांतर्गत गरीबी रेखा से नीचे के हितग्राहियों को नि:शुल्क चिकित्सा जाँच की सुविधा प्रदान की जायेगी. गरीबी रेखा से ऊपर जीवन यापन करने वाले मरीजों की जाँच दरों क्रमश: 900 एवं 1200 रूपये में की जाएगी.

अन्य प्रायवेट अस्पताल में यह जाँचे क्रमश: लगभग 2 हजार एवं 3 हजार रुपये में की जाती हैं.एमआरआई मशीन की स्थापना का कार्य भी युद्ध-स्तर पर चल रहा है, जो लगभग दो माह में पूरा हो जायेगा.

इन मशीनों की हमीदिया अस्पताल में स्थापना होने से एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इण्डिया) के मापदण्डों की पूर्ति होने के साथ महाविद्यालय के छात्रों को आधुनिक तकनीकी जाँचों के अध्ययन की सुविधा भी प्राप्त होगी.

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