अपनाना होगा रास्ता नंबर-2

नवभारत न्यूज भोपाल

महापौर अलोक शर्मा की चौपाल में हर सोमवार सैकड़ों लोग अपने दु:ख-दर्द लेकर महापौर केे 74 बंगले वाले सरकारी मकान बी-32 में आते हैं. इस दौरान महापौर निवास में दाखिल होने के लिए लोगों को अरेरा पहाड़ी की ढलान पर बने पत्रकार भवन का पूरा चक्कर लगाकर जाना पड़ता है. लेकिन आने वाले कुछ दिनों में उन्हें महापौर निवास में दाखिल होने के लिए घूमकर नहीं जाना पड़ेगा.

पीडि़त लोग अब पत्रकार भवन के पास से ही महापौर के बंगले की बैक साइड में बनने वाले गेट नंबर दो से दाखिल हो सकेंगे. महापौर निवास के पीछे रहने वालों का तो यहां तक कहना है कि शहर वासियों की दिक्कतें दूर करने के लिए पत्रकार भवन के पास लगे हुए बड़े-बड़े और पुराने पेड़ों की भी काट छांट शुरू कर दी गई है.

हालांकि महापौर बंगले की पीछे की दीवार में गेट बनाने का काम अभी शुरू नहीं किया गया है. लेकिन मंदिर के पुजारी ने पेड़ों को काटे जाने पर आपत्ति जताते हुए दावा किया है कि जल्द ही यह दीवार भी टूट जाएगी और यहांं से एक नया गेट बना दिया जाएगा.

कभी अशुभ माना जाता था बी-32- शर्मा को जो बंगला आवंटित किया गया है, वह कई अशुभ घटनाओं से जुड़ा रहा है. यह बंगला कभी सीबीआई का दफ्तर तो कभी प्रदेश के किसी नेता या मंत्री का निवास भी रहा.

लेकिन सीबीआई हो या नेता, इस बंगले का उपयोग कर चुके लोगों का यह मानना था कि यहां कुछ न कुछ अजीब और अशुभ था और यहां कभी भी अनहोनी होने से इंकार नहीं किया जा सकता. लेकिन महापौर शर्मा ने इन दावों की धज्जिायां उड़ाते हुए इस बंगले को न केवल अपनाया, बल्कि ज़माने को बता भी दिया कि वहम उन्हीं को होता है,जो काम नहीं करना चाहते.

वैसे, सूत्रों का यह भी कहना है कि इस बंगले से जुड़े अशुभता-दोष को खत्म करने के लिए ही वास्तु के हिसाब से यह बदलाव किया जा रहा है. वहीं इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से देर रात तक संपर्क नहीं हो सका.

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