POLETHENलखनऊ,  शहर में दूध की बिक्री भी अब पॉलीथिन की पैकिंग में नहीं हो सकेगी. इनकी जगह एटीएम की तर्ज पर मिल्क वेंडिंग मशीन (एमवीएम) लगाई जाएंगी चरणबद्ध तरीके से पॉलीथिन पैकिंग को खत्म किया जाएगा. वहीं पॉलीथिन पैकिंग को वापस करने पर टैक्स वापसी का प्रस्ताव भी है.

डीएम राजशेखर के मुताबिक दूध की आपूर्ति करने वाली कंपनियों को प्रमुख जगहों पर एमवीएम लगाने के लिए कहा गया है. कंपनियों से बात कर इसके लिए प्रयास भी शुरू कर दिए गए हैं. इन मशीनों की मदद से चरणबद्ध तरीके से पॉलीथिन पैकिंग को खत्म किया जाना है.

पॉलीथिन पैक को हतोत्साहित करने के लिए जरूरी होने पर ग्राहकों पर कंपनियों के माध्यम से पॉलीथिन शुल्क लगाया जा सकता है. वहीं अभी पॉली पैकिंग में उपयोग हो रही पॉलीथिन को उपयोग के बाद नजदीकी कलेक्शन पॉइंट पर जमा करने पर टैक्स की राशि वापस करने के प्रावधान पर भी विचार किया जा रहा है. डीएम ने सभी पुलिस थाने और चौकियों के प्रभारियों को रेहड़ी, ठेले वालों, दुकानदारों को पॉलीथिन का उपयोग नहीं करने देने की जिम्मेदारी दी है.

कैरीबैग उपयोग नहीं होने का सत्यापन संबंधित क्षेत्राधिकारी को करते हुए एक मासिक रिपोर्ट एसएसपी को भेजनी होगी. समाज कल्याण विभाग को भी कपड़े के झोले और कागज की थैलियों के निर्माण को रोजगार के विकल्प के रूप में देखने को कहा है. इनका निर्माण विभागीय अधिकारियों को अपने स्वयं सहायता समूहों से कराने के निर्देश हुए हैं.

अभी केवल एक दूध आपूर्ति कंपनी पराग ने शहर में एमवीएम लगाई है. करीब 80 एमवीएम इस समय शहर में होमोनाइज्ड दूध की आपूर्ति कर रही हैं. इन मशीनों से तीन तरह की मात्रा में दूध उपभोक्ता को मिलता है.

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