मुंबई,  बाजार की नजर अब दिसंबर तिमाही के नतीजों पर है। अगले हफ्ते इंफोसिस के नतीजे आने वाले हैं तो क्या इन नतीजों में कुछ सुधार दिखेगा या अच्छे दिन आने में अब भी देर है। नतीजों से पहले आप क्या खरीदें और किन शेयरों से दूर रहें।

दिसंबर तिमाही के लिए क्रिसिल ने अनुमान दिया है कि दिसंबर तिमाही में कंपनी की आय में 2 फीसदी बढ़त संभव है। कंपनियों को कमोडिटी में गिरावट का फायदा दिखेगा। लगातार छठी तिमाही आय में बढ़त 10 फीसदी से कम रहेगी। कंपनियों के एबिटा मार्जिन में 1.8 से 5.8 फीसदी की बढ़त देखी जाने की उम्मीद है। टेलीकॉम, सीमेंट, पेट्रोकेमिकल और एफएमसीजी के एबिटडा मार्जिन में सुधार आएगा और स्टील, हाउसिंग, आईटी और फार्मा के एबिटडा मार्जिन पर दबाव आने का अंदेशा है। सस्ती कमोडिटी के चलते लागत घटने से कंपनियों के मार्जिन में बढ़त देखी जाएगी।

आईटी सेक्टर-दिसंबर तिमाही में आईटी सेक्टर में नतीजों पर दबाव दिख सकता है। विदेश में छुट्टियों की वजह से कम बिलिंग हुई है और मजबूत डॉलर से थोड़ा फायदा मिला होगा। चेन्नई में भारी बारिश का भी असर आईटी सेक्टर पर दिखेगा। टीसीएस, विप्रो, हेक्सावेयर मुनाफा घटने की आशंका जता चुके हैं और इस बार अनुमान है कि दिग्गज कंपनियों की आय में 0.7-2.0 फीसदी की बढ़त संभव है।

ऑटो सेक्टर-दिसंबर तिमाही में त्योहारों की वजह से ऑटो कंपनियों के वॉल्यूम में अच्छी बढ़त देखी जाएगी और कच्चे माल की लागत घटने का फायदा दिखेगा। चेन्नई में भारी बारिश से हालांकि ऑटो कंपनियों को नुकसान की आशंका भी है। दिग्गज कंपनियों की आय में 13 फीसदी बढ़त साल दर साल आधार पर संभव है और दिग्गज कंपनियों के मुनाफे में 38 फीसदी बढ़त संभव है।

बैंकिंग सेक्टर-दिसंबर तिमाही में बैंकिंग सेक्टर के नतीजों पर दबाव दिख सकता है। निजी बैंकों के मुकाबले सरकारी बैंकों पर ज्यादा दबाव देखा जाएगा। बैंकों पर एनपीए की चिंता बरकरार रहेगी। प्रोविजनिंग में बढ़त कायम रहेगी और बैंकों के मुनाफे पर भी असर देखा जाएगा। बैंकों को रिटेल पोर्टफोलियो में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद तो है लेकिन उनके कर्ज रीस्ट्रक्चरिंग के आंकड़े पर नजर रहेगी। ये भी अहम रहेंगे।

फार्मा सेक्टर-दिसंबर तिमाही में फार्मा सेक्टर से अच्छे नतीजों की उम्मीद है और पिछले साल के कमजोर आंकड़ों के मुकाबले इस बार फार्मा कंपनियों की आय में अच्छी बढ़त देखी जा सकती है। फार्मा कंपनियों को कमजोर रुपए का फायदा मिल सकता है और कंपनियों की नई दवाओं को यूएसएफडीए की मंजूरी का फायदा मिलेगा। हालांकि यूएसएफडीए की सख्ती बढऩे से कंपनियों का खर्च बढ़ा है। दिसंबर तिमाही में दिग्गज फार्मा कंपनियों की आय में 10 फीसदी की बढ़त सालाना आधार पर संभव है। दिग्गज कंपनियों के मुनाफे में सालाना आधार पर 37 फीसदी की बढ़त संभव है।

टेलीकॉम सेक्टर-दिसंबर तिमाही में आमतौर पर टेलीकॉम सेक्टर के नतीजे अच्छे होते हैं। इस बार टेलीकॉम सेक्टर में कैपेक्स पर कंपनियों का फोकस बढ़ा है। दिसंबर तिमाही नतीजों के लिए कंपनियों के कर्ज और ब्याज खर्च आंकड़ों पर नजर रहेगी। वॉयस सेगमेंट से आय पर दबाव जारी रहेगा डाटा से आय पर नजर रहेगी। डाटा कीमतों में बढ़त, 4जी सर्विसेज लॉन्च होने का असर दिखेगा।

स्टील सेक्टर-दिसंबर तिमाही में स्टील सेक्टर पर कीमतों में गिरावट और डंपिंग की वजह से दबाव दिखेगा। सेफगार्ड ड्यूटी और इंपोर्ट ड्यूटी से ज्यादा फायदा स्टील सेक्टर को नहीं मिल पाया है। सस्ते आयरन ओर, कोकिंग कोल से दबाव कुछ कम होगा लेकिन स्टील, आयरन कंपनियों के मार्जिन पर दबाव संभव है। हालांकि स्टील सेक्टर की बिक्री और रियलाइजेशन आंकड़ों पर नजर रहेगी।

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