musteredनई दिल्ली,  कमरतोड़ महंगाई त्योहारों को फीका कर सकती है. दाल और सब्जियों के बाद अब सरसों के तेल ने मुसीबत बढा दी है. खुदरा बाजार में सरसों तेल की कीमत 130 से 140 रूपए हो गई है. यह इजाफा पिछले करीब एक माह के भीतर हुआ है.

लोगों का आरोप है कि सरकार लगातार महंगाई को रोकने में असफल हो रही है. उपभोक्ता मामलों के विभाग के प्राइस मॉनिटरिंग सेल द्वारा संकलित डेटा में दिखाया गया है कि बीते एक साल में सरसों के तेल का औसतन मूल्य 10 रूपए प्रति लीटर बढ़ा है. अक्टूबर 2014 और 2015 के बीच में इसका मूल्य 90 रूपए प्रति किलो से बढ़कर 100 रूपए प्रति किलो हो गया है.

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