pic1लखनऊ,  सपा ने पार्टी के कुछ नेताओं के विरोध को दरकिनार करते हुए एक अर्से तक पार्टी के ‘थिंक टैंक’ माने जाते रहे अमर सिंह और नौ बरस के अलगाव के बाद अभी पिछले हफ्ते ‘घर वापसीÓ करने वाले पूर्व मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा समेत सात नेताओं को राज्यसभा का टिकट देने का आज एलान कर दिया.

अमर सिंह सपा के सदस्य नहीं हैं. इस बारे में पूछे जाने पर सपा के वरिष्ठ नेता और सूबे के सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि वह पार्टी में भले न हों, लेकिन नेताजी के दिल में तो हैं. उम्मीदवार घोषित होने के बाद अब सपा में उनकी वापसी मात्र औपचारिकता रह गयी है. अमर सिंह की निकटस्थ और अपने जमाने की मशहूर अभिनेत्री पूर्व सांसद जयाप्रदा की पार्टी में वापसी के बारे में पूछे जाने पर सिंचाई मंत्री ने कहा कि इस बारे में भी नेताजी ही अंतिम फैसला लेंगे. जयाप्रदा के साथ पार्टी महासचिव रहे अमर सिंह को जनवरी 2010 में निष्कासित कर दिया गया था.

इससे पहले सपा संसदीय बोर्ड की बैठक में संसदीय कार्यमंत्री मोहम्मद आजम खां ने अमर सिंह के नाम पर कड़ी आपत्ति जाहिर की. वह चाहते थे कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति पद के लिए उनकी आजीवन नियुक्ति को अनुमोदित करने वाले तत्कालीन राज्यपाल मोहम्मद अजीज कुरैशी को राज्यसभा भेजा जाये.