23sushmaवाशिंगटन,  अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के भारत के दावे का पुरजोर समर्थन दोहराते हुए उसे परमाणु आपूर्ति समूह की प्रक्षेपास्त्र प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) सहित सभी परमाणु अप्रसार निर्यात नियंत्रण व्यवस्थाओं में जगह दिये जाने की पैरवी की है।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन कैरी के बीच पहली भारत-अमेरिका रणनीतिक एवं वाणिज्यिक स्तर की वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि अमेरिका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों के साथ-साथ इसमें भारत की स्थायी सदस्यता के दावे के प्रति समर्थन दोहराता है।
श्री कैरी और वाणिज्य मंत्री पेनी प्रित्ज़कर ने श्रीमती स्वराज और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण से बातचीत की। संयुक्त बयान में कहा गया है कि परमाणु कार्यक्रमों के अप्रसार की दिशा में दोनों देश विश्व की छह महाशक्तियों, यूरोपीय संघ और ईरान के बीच संयुक्त व्यापक कार्य योजना का समर्थन करते है। दोनों देशों के मंत्रालयों के बीच संस्थानिक सहयोग मजबूत करने के लिए भारत और अमेरिका ने विदेश मंत्रालयों के बीच नयी कूटनीतिक साझेदारी की घोषणा की जिसके तहत विदेश सेवा संस्थानों के बीच सहयोग के जरिए राजनयिकों के प्रशिक्षण में परस्पर समन्वय स्थापित किया जाएगा।

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