नयी दिल्ली,  सरकार ने आज कहा कि अयोध्या में विवादित ढांचा गिराये जाने से जुड़े मामले में उच्चतम न्यायालय के आदेश से कोई नयी स्थिति पैदा नहीं हुई है और इसके मद्देनजर किसी को इस्तीफा देने की जरूरत नहीं है।

केन्द्रीय वित्त मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने आज यहां संवाददाताओं द्वारा इस मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले पर प्रतिक्रिया पूछे जाने पर कहा कि यह मामला 1993 से किसी न किसी रूप में चल रहा है। उन्होंने कहा कि इस आदेश से कोई नयी स्थिति पैदा नहीं हुई है। पहले से जो स्थिति है, वही चलेगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम इस मामले में आये हैं वे पहले उप प्रधानमंत्री और मंत्री रह चुके हैं।

एक केन्द्रीय मंत्री का भी नाम इस मामले में आने के बारे में पूछने जाने पर उन्होंने कहा कि यदि मामला दर्ज होने भर से पद छोड़ने का मानदंड लागू किया जाये तो कांग्रेस का कोई नेता और मुख्यमंत्री अपने पद पर नहीं बचेगा। यह पूछे जाने पर कि इस मामले में श्री लाल कृष्ण आडवाणी का भी नाम शामिल है और यदि सरकार उन्हें राष्ट्रपति बनाना चाहे तो क्या न्यायालय का आज का आदेश इसमें आड़े आ सकता है, श्री जेटली ने इसका जवाब यह कहते हुए टाल दिया कि यह काल्पनिक प्रश्न है।

उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाये जाने के मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री आडवाणी, श्री मुरली मनोहर जोशी तथा केन्द्रीय मंत्री उमा भारती सहित 12 नेताओं के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने का मुकदमा चलाने का आदेश दिया है।

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