Supreme-Courtनयी दिल्ली,  राष्ट्रपति शासन को लेकर उत्तराखंड में मुंह की खाने के बाद केंद्र सरकार को अरुणाचल प्रदेश के मामले में भी आज उस वक्त करारा झटका लगा, जब उच्चतम न्यायालय ने राज्य में कांग्रेस की पुरानी सरकार बहाल करने का आदेश दिया।

शीर्ष अदालत ने अरुणाचल के राज्यपाल ज्योति प्रसाद राजखोवा के विधानसभा सत्र एक महीने पहले बुलाने के फैसले को असंवैधानिक करार देते हुए राज्य में 15 दिसम्बर 2015 से पहले की स्थिति कायम करने का ऐतिहासिक आदेश दिया।

न्यायमूर्ति जे एस केहर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अरुणाचल प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के लिए राज्यपाल के फैसले को गलत ठहराया। संविधान पीठ ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश विधानसभा का सत्र 14 जनवरी 2016 को बुलाया जाना था, लेकिन इसे करीब एक माह पहले 16 और 17 दिसम्बर 2015 को बुलाया गया, जो संविधान का उल्लंघन है और यह रद्द करने लायक है। संविधान पीठ के अन्य सदस्य हैं- न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर, न्यायमूर्ति पी सी घोष और न्यायमूर्ति एन वी रमण।