22manav sangrahalayaभोपाल,22 मार्च. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन अरुणाचल प्रदेश पर आधारित प्रदर्शनी अरुणाचल परिदृश्य का उद्घाटन किया गया. प्रदर्शनी का उद्घाटन संग्रहालय के निदेशक प्रोफ. सरित कुमार चौधुरी,संयुक्त निदेशक अरुण कुमार श्रीवास्तव एवं पूर्व निदेशक के.के. मिश्रा एवं सुजीत सोम तथा अरुणाचल से आये शिक्षाविदों द्वारा किया गया.

भाए पारंपरिक वस्त्र
अरुणाचल प्रदेश के हस्त शिल्प के निर्माण एवं विक्रय का आयोजन किया गया. इसमें दर्शको ने अरुणाचल के पारंपरिक वस्त्र एवं टोपियां बेहद पसंद की.बुनाई, चित्रकला, पॉटरी, धातु कर्म, टोकनी, काष्ठ-शिल्प एवं शिल्प विविधता की झलक दिखी. यहां के अका व मिंजी समूहों सुन्दर मुखौटे बनाए तो इस अवसर पर मुखौटा नृत्यों की प्रस्तुति भी की गई. इसके साथ ही संग्रहालय के चरैवति/हिमालय ग्राम परिसर मेंं अरुणाचल के विशेष व्यंजनों का लुफ्त उठाया. इसमें (राइस केक), पोरोक अमिन (मीन्स चिकन), रोप्कू ताके (एग करी), अपीन (चावल), तथा नय्शी जनजाति के पाक-कलाकारों न. न्गुसिंग (ड्राई फ ायर फि श),अमबिंग (राइस इन बम्बू), बनाम (रोस्ट.ड मीट इन बम्बू) तथा गालो जनजाति के अपीन पिणं, बॉयल्ड चिकन आदि व्यंजन दर्शको को परोसे गए

व्याख्यान का आयोजन
विख्यात इतिहासकार प्रो. तपती गुहा-ठाकुरता ने आधुनिक भारत के लिए एक प्राचीन स्मारक साँची के औनिवेशिक एवं उत्तर औनिवेशिक इतिहास विषय पर व्याख्यान दिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो.ए.सी.भगबती मानस.वी समन्वयक तथा विभागाध्यक्ष, नार्थ ईस्ट रीजनल सेंटर ऑफ आईजीएनसीए, गुवाहाटी एवं पूर्व कुलपति, राजीव गांधी विश्वविद्यालय, अरुणाचल प्रदेश करेंंगे प्रो. गुहा-ठाकुरता ने अपन. व्याख्यान में साँची स्तूप की देश की आजादी के पहले एवं उसके बाद के इतिहास को तस्वीरों की सहायता से. बताया.

Related Posts: