नई दिल्ली,  पिछले वर्ष मोदी सरकार द्वारा की गई डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहल के नतीजे इस साल दिखने शुरू हो गए हैं और देश में स्टार्टअप्स और ई-कॉमर्स उद्योग में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़े हैं। क्लिक जॉब्स डॉट कॉम के अध्ययन में ये निष्कर्ष सामने आए हैं। फर्म के अनुसार , वर्ष 2016 में रोजगार के बाजार में करीब 12 लाख नयी नौकरियां पैदा होंगी।

वर्ष 2015 में सबसे अधिक नौकरियों का सृजन करने वाले क्षेत्रों में आईटी, ई-कॉमर्स, दूरसंचार, खुदरा, ढांचागत क्षेत्र, स्वास्थ्य व फार्मा, बैंकिंग एवं वित्त, मीडिया व मनोरंजन और शिक्षा क्षेत्र शामिल रहे। अध्ययन में कहा गया है कि इस साल निजी क्षेत्र में नए कर्मचारियों की भर्ती की वृद्धि दर 45 प्रतिशत रह सकती है, जबकि वेतन वृद्धि की दर 20-30 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

क्लिक जॉब्स डॉट कॉम के निदेशक सौरव गुप्ता ने कहा, ” डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया भारत सरकार की ऐसी पहल है जिसकी वजह से देश के नौकरी के बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इस साल विमानन उद्योग, मीडिया व मनोरंजन, शिक्षा, आईटी और ई-कामर्स में तेज वृद्धि रहने की संभावना है।”

रुपये में 28 महीने की सबसे बड़ी गिरावट, एक बार फिर 67 के पार
भारतीय रुपया 28 महीने के निचले स्तर पर आ गया. डॉलर के मुकाबले रुपया 67 का स्तर का पार करते हुए 67.15 पर पहुंच गया है. आपको बता दें कि इससे पहले रुपये का यह स्तर 4 सितंबर 2013 को देखा गया था. डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 13 पैसे की गिरावट के साथ 66.98 पर खुला और कुछ ही देर में 67 का स्तर पार करते हुए यह 67.15 पर पहुंच गया.

कारोबारियों का कहना है कि घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट के बीच आयातकों और बैंकों की ओर से डॉलर की मांग बढऩे से रुपये पर दबाव बढ़ा है. इसके अलावा लगातार पूंजी प्रवाह का भी घरेलू मुद्रा पर असर हुआ लेकिन कुछ अन्य विदेशी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में नरमी से रुपये की गिरावट सीमित रही. उतार चढ़ाव भरे कारोबार में बैंकों और निर्यातकों की ओर से डॉलर की हल्की बिकवाली के समर्थन से रुपया बुधवार के कारोबार में एक पैसे की मामूली बढ़त के साथ 66.85 पर बंद हुआ था.