नयी दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नोटबंदी के अपने फैसले को सही ठहराते हुए आज कहा कि स्वच्छ भारत की तरह ही देश की अर्थव्यवस्था को भी साफ सुथरा बनाने का यह एक बड़ अभियान है जिसे सही समय पर शुरु किया गया है, श्री मोदी ने संसद के दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि इस बात से कोई भी इन्कार नहीं कर सकता की देश में नगदी के प्रचलन के कारण कालेधन की एक समानांतर अर्थव्यवस्था पनप चुकी थी।

इसका कुचक्र ऐसा था कि संसाधनों की कमी न होने के बावजूद गरीबों को उनका हक नहीं मिल रहा था। आर्थिक संपन्नता का फायदा चंद लोग उठा रहे थे। वही गरीबों का हक छीन रहे थे।

कालाधन देश के साथ ही विदेशों में भी जमा हो रहा था। इस चलन को कहीं तो बंद करना था किसी को तो आगे आना था इसलिए उन्होंने इसकी पहल की। प्रधानमंत्री ने नोटबंदी के समय को लेकर विपक्ष के आरोपों पर कहा कि नोटबंदी बिना सोचे समझे लिया गया निर्णय नहीं था।

यह तभी लाई गई जब अर्थव्यवस्था दुरुस्त थी आैर उन्हें यह पता था कि यह नोटबंदी के प्रभाव को झेल जाएगी। उन्हाेंने कहा कि यदि अर्थव्यवस्था कमजोर होती तो वह यह कदम नहीं उठाते।

उन्होंने इस संदर्भ में डाक्टर और मरीज का उदाहरण पेश करते हुए कहा कि कोई भी डाक्टर तबतक आपरेशन के लिए तैयार नहीं हाेता जबतक मरीज का शरीर उसे झेलने लायक नहीं हो। उन्होंने इसपर विपक्षी सदस्यों की टिप्पणी पर कहा ‘मैं केाई भी काम हड़बड़ी में नहीं करता । इस बात को समझने के लिए आपको मोदी का अध्ययन करना पड़ेगा।’

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