भोपाल, मध्यप्रदेश कर्मचारी कांग्रेस के कार्यालय में संगठन की प्रांतीय महासभा के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र खोंगल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई, जिसमें विभिन्न जिलों के जिलाध्यक्षों ने भाग लिया एवं सभा को संबोधित कर राज्य सरकार की कर्मचारियों, पेंशनरों, वर्कजार्च एवं स्थायी कर्मियों के साथ ही जा रही वादा खिलाफी तथा कर्मचारी विरोधी नीतियों की तीव्र आलोचना की.

संबंधित जानकारी देते हुये प्रांतीय महामंत्री आर.के. नामदेव ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि बैठक में 49 जिलों के अध्यक्ष, 8 संभागीय अध्यक्ष तथा 149 प्रांतीय पदाधिकारी उपस्थित थे. सभा को संबोधित करते हुये खोंगल ने आरोप लगाया कि 62 वर्षों के इतिहास में पहली बार राज्य कर्मचारियों की लंबित मांगों पर जो ठहराव की स्थिति निर्मित हुई है, इसके पहले कभी नहीं थी.

पहले मुख्यमंत्री द्वारा चर्चा के माध्यम से निराकरण किया जाता था, किन्तु विगत 5 वर्षों से मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान ने संगठनों के साथ चर्चा नहीं की है.

संवादहीनता की स्थिति के कारण निराकरण नहीं होने से सभी वर्गों के कर्मचारियों में सरकार के प्रति तीव्र आक्रोश एवं असंतोष व्याप्त है. इस हेतु सर्वानुमति से पूरे वर्ष सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के विरोध में सभी जिला, तहसील एवं विकासखंड स्तर पर आंदोलन किये जायेंगे.

बैठक के पश्चात् ङ्क्षवध्याचल भवन परिसर में विभिन्न जिलों से आये पदाधिकारियों ने अर्धनग्न प्रदर्शन किया और शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शन सभा में हीरालाल चौकसे, आदर्श शर्मा, आर.के. नामदेव, सुरेंद्र निगम, राजेंद्र चौबे, तैयब अली, दीपेंद्र झा, अवधेश अरुण एवं अनिल बाजपेई सम्मिलित थे.

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