नई दिल्ली, 7 जून. अल-नीनो पिछले साल के ही अल-नीनो से आगे जारी रहेगा, तो दूसरे साल मॉनसून विफल नहीं होता। यह पहले साल ही कमजोर रहता है।

मौसम की भविष्यवाणी करने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट ने अल-नीनो प्रभाव को ज्यादा महत्व न देते हुए कहा कि इससे बारिश पर असर पडऩे की गुंजाइश काफी कम है। हालांकि मौसम विज्ञानियों के मुताबिम अल-नीनो से असामान्य वार्मिंग की स्थिति पैदा होती है। इससे दुनिया के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और सूखे की स्थिति बनती है।