पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई में कई अनियमितताएं आईं सामने

  • नशेडिय़ों को मारपीट कर जबरन लाने का आरोप
  • केन्द्र का संचालक भी रह चुका है नशेड़ी
  • न डॉक्टर थे और न ही पंजीयन कराया गया था

नवभारत न्यूज मंदसौर,

कोठारी कॉलोनी में चल रहे एक नशामुक्ति केंद्र पर एसडीएम शिवलाल शाक्य और सीएसपी प्रदीप मोहन शुक्ल सहित टीम ने छापा मारा। निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं मिली।

नशेडिय़ों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें जबरन लाया गया है और उनके साथ मारपीट की जाती है। न डॉक्टर केंद्र पर थे और न ही पंजीयन कराया गया था। सबसे बड़ी बात यह है कि खुद भी नशे के आदी रह चुके संचालक ही नशेडियों का इलाज कर रहे थे।

मिली जानकारी के अनुसार आदर्श सेवा सोशल वेल फेयर सोसायटी, मंदसौर के नाम से नशा मुक्ति केंद्र संचालित किया जा रहा था। जिसमें रखकर मनोचिकित्सक के माध्यम से इलाज करने के दावे किए जा रहे थे। इस केंद्र पर धांधली की शिकायत लंबे समय से चल रही थी।

आज पुलिस और प्रशासन की टीम ने केंद्र पर रेड मारी। जांच पड़ताल करते हुए अधिकारियों ने संचालक सूरज माली और अन्य से कागजात मांगे। उनके पास न पंजीयन मिला और न ही कोई कागजात। नियमों को तांक पर रखकर केंद्र का संचालन किया जा रहा था।

इसके बाद नशेडियों से भी पुलिस ने बात की। जिसमें पता चला कि उन्हें यहां जबरदस्ती लाया गया। साथ ही उनके साथ मारपीट भी की जाती है। इस संबंध में सीएसपी राकेश मोहन शुक्ल ने बताया कि शिकायत के बाद प्रशासनिक टीम के साथ जांच की गई। इसे सूरज माली द्वारा संचालित किया जाता है। लोगों को अमानवीय तरीके से रखने की बात सामने आने के बाद पुलिस भी यहां पहुंची।

जांच में पता चला कि सामाजिक न्याय और सीएमएचओ से नशा मुक्ति केंद्र चलाने के लिए अनुमति लेना पडती है। इसका पंजीयन कराया होता है। लेकिन ऐसा कोई पंजीयन या अनुमति नहीं मिली। यहां कोई डॉक्टर भी नहीं था।

यह भी पता चला है कि जो इसे चला रहे थे वह भी नशे के आदी रह चुके हैं। अपने अनुभव के आधार पर नशेडियों का इलाज किया जा रहा था। मारपीट और जबरदस्ती लाने की बात सामने आई है।

जिस पर फिलहाल जांच की जाएगी। सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले जाएगे। यहां स्थिति यह थी कि एक बंदीगृह की तरह कमरा बनाकर नशेडियों को रखा जा रहा था। मौके पर पंचनामा बनाया है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

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