टारगेट मोदी में आंतरिक सुरक्षा, साइबर क्राइम व सोशल मीडिया प्रमुख मुद्दे

  • सोशल मीडिया के संदेश स्थानीय भाषा में भी हों
  • आंतरिक सुरक्षा में पुलिस व अर्धसैनिक बलों की सराहना

विनय अग्रवाल,
ग्वालियर,

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने टेकनपुर स्थित बीएसएफ अकादमी में आयोजित डीजी कांफ्रेंस में देश की आंतरिक सुरक्षा के साथ-साथ अवैध वित्तीय लेन देन पर रोक, साइवर क्राइम और सोशल मीडिया पर अपना टारगेट रखा.

उन्होंने अपने उदबोधन में देश भर के अर्धसैनिक बलों और राज्यों के पुलिस प्रमुखों को संबोधित करते हुए कहा कि अवैध वित्तीय लेन देन पर रोक के लिए अधिक जानकारी वैश्विक स्तर पर साझा की जाना जरूरी है.

उन्होंने कहा कि अवैध वित्तीय लेन देन पर रोक हेतु भारत पर प्रमुख जिम्मेदारी भी है, और इसे हमें निभाना भी है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आंतरिक सुरक्षा में पुलिस व अर्धसैनिक बलों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा जैसे मुददों पर अब यह खुलापन की आवश्यकता महसूस की जा रही है.

अब यह खुलापन राज्यों को भी अपनाने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि सुरक्षा के बेंहतरीन तरीके अकेले ईजाद नहीं किये जा सकते बल्कि इसे राज्यों के बीच साझा कर हर किसी को सुरक्षित
बनाया जा सकता है. उन्होने कहा कि अब देश में साइवर सुरक्षा भी महत्वपूर्ण विषय बन रहा है. इसके मामले पेंडिंग न हों इन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ तुरंत निबटाना चाहिये.

प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 के बाद से सम्मेलन की प्रकृति और क्षेत्र में कैसे बदलाव हुए हैं. इसी के तहत यह सम्मेलन दिल्ली से बाहर किया जा रहा है. उन्होंने उन अधिकारियों की सराहना की जो इस बदलाव में सहायक रहे हैं.

उन्होंने देश की सुरक्षा में प्रयोग में लाये जा रहे सुरक्षा उपकरणों की सराहना की.उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इस सम्मेलन में चर्चाओं के परिणामस्वरूपए अब एक उद्देश्य स्पष्ट रूप से पुलिस बल को परिभाषित करता हैए कि कार्यों के निष्पादन में बहुत ही संशक्ति होता है.

उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन के माध्यम से शीर्ष पुलिस अधिकारियों को समस्याओं और चुनौतियों को समझने में एक पूर्ण दृष्टिकोण मिलता है.प्रधानमंत्री ने आईबी अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक भी प्रदान किए. अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने आईबी के पदक प्राप्त अधिकारियों को उनके समर्पण और सेवा के प्रति प्रतिबद्धता के लिए बधाई दी और सराहना भी की.

इस अवसर पर केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, गृह राज्य मंत्री किरण रिजुजू, हंसराज अहीर के साथ एनएसए अजीत डोभाल, अन्य अधिकारी भी मौजूद थे.

विभिन्न मुद्दों पर युवा अधिकारियों की भागीदारी हो

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया के महत्व का भी जिक्र इस मौके पर किया. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के संदेशों की अधिक प्रभावशीलता के लिए अब इसे स्थानीय भाषाओं में भी होना चाहिये. उन्होंने कटटरता पर अपने मन की पीड़ा निकाली.

उन्होंने कहा कि ऐसी समस्या से जूझ रहे क्षेत्रों में हल के लिए प्रोद्योगिकी का उपयोग जरूरी है. प्रधानमंत्री मोदी ने आंतरिक सुरक्षा के साथ विभिन्न मुददों पर युवा अधिकारियों की भागीदारी पर जोर दिया , उन्होंने कहा कि यह कार्यकुशलता में सुधार लाने का महत्वपूर्ण कदम होगा.

 

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