High_Courtजबलपुर,  हाईकोर्ट ने अवैध होर्डिंग्स को चुनौती देने वाले मामले को सख्ती से लिया। मुख्य न्यायाधीश अजय माणिकराव खानविलकर और न्यायाधीश संजय यादव की युगलपीठ ने मामले को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पूरे शहर होर्डिंग्स अटे पड़े है, लेकिन बिना शिकायत मिले प्रशासन अपने विवेक से कोई कार्यवाही ही नहीं करना चाहता।

युगलपीठ ने मामले में तल्ख टिप्पणी करते हुए दो टूक कहा है कि आपमें बेसिक्स तो है नहीं तो आप क्या इस शहर को स्मार्ट बनायेंगे। युगलपीठ ने सख्त लहजे में कहा कि शहर में प्रशासन अपने आप से कोई काम ही नहीं करना चाहता। इसके साथ ही युगलपीठ ने मामले में निगामायुक्त व एसपी जबलपुर को निर्देशित किया है कि दो दिन के भीतर कार्यवाही कर अपनी रिपोर्ट पेश करें।

युगलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी को निर्धारित की है।
ज्ञात हो कि यह जनहित का मामला सतना बिल्डिंग निवासी सतीश वर्मा की ओर से वर्ष 2009 में दायर किया गया था। जिसमें शहर की सड़कों के किनारे अवैध रूप से लगाए गए होर्डिंग्स को चुनौती दी गई है।

अवैध होर्डिंग्स को हटाने के संबंध में मुम्बई हाईकोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के परिप्रेक्ष्य में चीफ जस्टिस एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने पूर्व में पूरे प्रदेश में कार्रवाई करने के निर्देश सरकार को दिए थे। इसके बाद माननीय न्यायालय के निर्देश पर राज्य सरकार के परिवहन विभाग ने मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 116 (4) के तहत अधिसूचना जारी की थी।

मामले की पिछली सुनवाई दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि बेव बेस्ड सोल्युशन फॉर मेनेजमेंट ऑफ होर्डिंग के नाम से राज्य सरकार ई नगर पालिका के नाम से एक सॉफ्टवेयर बना रही है। उसी में अवैध होर्डिंग्स की शिकायतों को दर्ज कराने का प्रावधान किया जा रहा है। मामले