mamtaनई दिल्ली,  असम में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत से वहां पहली बार कमल खिला है जबकि ममता बनर्जी ने अपनी स्थिति मजबूत करते हुए पश्चिम बंगाल में सत्ता बरकरार रखी है. तमिलनाडु में जयललिता ने तीन दशक का रिकार्ड तोड़कर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है. वहीं वाम मोर्चे ने केरल में वापसी की है.

पिछले लोकसभा चुनाव से लगातार हार का सामना कर रही कांग्रेस के लिए ये चुनाव भी निराशाजनक रहे और केन्द्र शासित प्रदेश पुड्डुचेरी ने ही उसकी नाक बचायी जहां वह द्रमुक के साथ 17 सीटें हासिल कर सरकार बनाने की स्थिति में आ गयी है. असम और केरल में सत्ता गंवाने के साथ उसकी अब 6 राज्यों में ही सरकार रह गयी है. इन चुनावों में भाजपा की एक बडी उपलब्धि यह रही कि पूर्वोत्तर में पूरी तरह पैर पसारने के साथ साथ उसने दक्षिणी राज्य केरल में पहली बार खाता खोला है और पश्चिम बंगाल में अपनी स्थिति और मजबूत की है.

चुनाव दर चुनाव जहां कांग्रेस सिमटती जा रही है वहीं भाजपा लगातार नये क्षेत्रों में जनाधार बढ़ा रही है. विधानसभा चुनाव की मतगणना के नतीजों और रूझानों के अनुसार भाजपा असम में अपने बूते सरकार बनाने की दिशा में बढ़ रही है और अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ दो तिहाई बहुमत हासिल कर रही है. राज्य की 126 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने अब तक 41 सीटें जीती हैं और 20 पर उसके उम्मीदवार आगे चल रहे हैं जबकि पिछली बार उसके कुल पांच उम्मीदवार विजयी हुए थे.

भाजपा की सहयोगी असम गण परिषद ने 10 सीटें जीत ली है और वह चार सीटों पर बढ़त बनाये हुए है. दूसरा सहयोगी दल बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट 9 सीटें जीत चुका है और 3 सीटों पर उसके उम्मीदवार आगे हैं. राज्य में 15 वर्षों तक सत्तारूढ़ रही कांग्रेस 25 सीटों पर सिमट गयी है. उसने 21 सीटें जीती हैं और चार पर उसके उम्मीदवार आगे हैं. मौजूदा विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल आल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट भी अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाया है और उसने केवल 8 सीटें जीती है तथा पांच पर आगे चल रहा है. एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती है.

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