salimनयी दिल्ली,  विपक्षी दलों ने आज सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर देश के धर्मनिरपेक्ष तानेबाने को तारतार करने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए असहिष्णुता के मुद्दे पर विवादास्पद बयान देने वाले मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग की।

देश में असहिष्णुता की घटनाओं से उत्पन्न स्थिति के बारे में लोकसभा में चर्चा की शुरुआत करते हुए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के मोहम्मद सलीम ने कहा कि पिछले कई महीनों से देश में असहिष्णुता की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन घटनाओं को छिटपुट करार दिया लेकिन यह असहिष्णुता केवल राजनीतिक क्षेत्र तक ही सीमित नहीं है बल्कि शिक्षा, संस्कृति, वैज्ञानिक और व्यावसायिक क्षेत्राें, सभी जगह फैली है। सरकार के मंत्रियों ने इस घटनाओं को रोकने के बजाय ऐसे बयान दिये हैं जिनसे माहौल और बिगड़ा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिये बगैर कहा कि जो व्यक्ति हर विषय पर ट्वीट करता है उसने असहिष्णुता के मुद्दे पर चुप्पी साधे रखी। फरीदाबाद में दो दलित बच्चों की हत्या पर एक मंत्री का बयान इस सरकार की मानसिकता को दर्शाता है। यह इंसानियत के खिलाफ है और यह हमारा दुर्भाग्य है कि हमें ऐसे मंत्री को झेलना पड़ रहा है। सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को पाकिस्तान जाने की नसीहत दी जा रही है। पाकिस्तान वह देश नहीं है जहां हिन्दुस्तान के मुसलमान जाना चाहते हैं। यही उनका देश है और इसे उनके बाप दादाओं ने सींचा है।

कांग्रेस के के सी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि देश संकट के दौर से गुजर रहा है। अलग राय रखने वालों पर रोज हमले हो रहे हैं और सरकार ने इस पर चुप्पी साध रखी है। इससे नफरत की राजनीति करने वालों के हौंसले बुलंद हो रहे हैं। देश विदेश का मीडिया देश में बढ़ रही असहिष्णुता की बात कर रहा है लेकिन प्रधानमंत्री इस पर चुप हैं। उनके मंत्रियों के बयान आग में घी का काम कर रहा है। देश के धर्मनिरपेक्ष तानेबाने को तारतार करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने फरीदाबाद में दलित बच्चों की हत्या पर विवादास्पद बयान देने वाले विदेश राज्यमंत्री वी के सिंह को हटाने की मांग की। श्री वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि एक तरफ तो सरकार विकास और सौहार्द की बात कर रही है और दूसरी तरह साम्प्रदायिक तनाव उभारकर समाज को बांट रही है। सहिष्णु हिन्दुत्व को असहिष्णु हिन्दुत्व से अलग किया जाना चाहिये। इस मामले में बयानबाजी से कुछ नहीं होगा सरकार को ठोस कार्रवाई करनी होगी।