अस्पताल के नाम पर पहले से ही था लोन

नवभारत न्यूज भोपाल,

पिपलानी पेट्रोल पंप के पास स्थित सचिन जैन ममता अस्पताल संचालक के खिलाफ धोखााधड़ी का मामला दर्ज किया गया है. आरोप है कि डॉक्टर ने अस्पताल को गिरवी रखकर लोन ले लिया, बाद में उसी अस्पताल को बेचने के लिए पावर ऑफ एटार्नी दे दी और 95 लाख रुपए ले लिए. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है.

पिपलानी पुलिस के मुताबिक डॉ. सचिन जैन का सोनागिरी में सचिन ममता नाम से नर्सिंग होम है. वर्ष 2013 में इन्होंने विशाल खत्री निवासी अवधपुरी से 95 लाख में सौदा तय किया था और पावर ऑफ एटार्नी दे दी थी. पुलिस के मुताबिक वर्ष 2008 में डॉक्टर ने इलाहाबाद बैंक से 55 लाख का लोन लिया था, जिसको उनके द्वारा अदा नहीं किया गया और विशाल को इसकी जानकारी भी नहीं दी गई.

इतना ही नहीं पैसे लेने के बाद डॉ. सचिन ने विशाल की मां के नाम से पावर ऑफ एटार्नी कर दी थी. जब विशाल ने उक्त संपति बेचने के लिए प्रयास किया तो उन्हें जानकारी मिली कि उक्त बिल्डिंग इलाहाबाद बैंक में बंधक रखी हुई है.

जब विशाल ने जानकारी सामने आने के बाद पैसे लौटाने को कहा तो उन्होंने मना कर दिया जिसके बाद उन्होंने एसपी कार्यालय में शिकायती आवेदन दिया. पिपलानी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है.

लोन के नाम पर ठगी

पुलिस के मुताबिक इंजीनियर अरविंद कुमार ने दिसंबर 2015 को अखबार में विज्ञापन देखा था कि टाटा फायनेंस कंपनी मार्कशीट पर लोन देती है. इसके बाद जब उन्होंने संपर्क किया तो जालसाजों ने पीएनबी के दो बैंक खातों में प्रोसेसिंग फीस के नाम 63 हजार 500 रुपए जमा करा लिए.

रकम जमा होते ही आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया था. पुलिस ने खाता धारकों की डिटेल बैंक से मांगी तो पता चला कि खाते रोहित कुमार और मनोज के नाम से हैं जो बैंगलोर के रहने वाले हैं. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

Related Posts: