झाबुआ 13 मार्च नससे. रामा ब्लॉक में शुक्रवार दोपहर 12 बजे ग्राम दौेलतपुरा के आंगनवाडी केन्द्र पर सुरपवाईजर गीता रावत को 4 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए इंदौर लोकायुक्त की टीम ने रगें हाथों पकडा।

लोकायुक्त के टीआई युवराजसिंह चौहान ने बताया की फ रीयादी अंतर पिता नानका डोडवा 21 वर्ष, आंगनवाडी कार्यकर्ता तडवी फ लिया नरसिंगपुरा सेक्टर पारा ब्लाक रामा ने आकर सोमवार को शिकायत की कि कार्यालय एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना केन्द्र रामा की लेखापाल मनोरमा बारिया ने मुझसे तीन माह का वेतन निकालने के लिए 10 हजार की मांग की थी, जिसके एवज में वो 1 हजार रूपये दे चुकी है ओैर बाकी देना है। जिस पर लोकायुक्त की टीम ने शुक्रवार को योजना बनाकर इनको पकडने की योजना बनाई। अंतर ने 1 हजार रूपये गुरूवार को दे दिये और 4 हजार रूपये शुक्रवार को देना तय हुआ ओैर बाकी 4 हजार रूपये काम होने के बाद में दिया जायेगा, अंतर ने शुक्रवार को 4 हजार रूपये गीता रावत को दिए जैसे ही दिये गीता रावत को लोकायुक्त की टीम ने धरदबोचा ओर मौेके पर हाथ धुलवाये गये ओैर हाथ धोने पर पानी पूरी तरह गुलाबी हो गया। कार्यवाही के लिये लोकायुक्त की पूरी टीम आयसीडीएस कार्यालय रामा पर आई जब तक बारिया मेडम कार्यालय से जा चुकी थी। लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत धारा 13 (1) पी 13 (2) भ्रष्टाचार अधिनियम 120-3 भादवि के तहत ममला दर्ज कर जांच की प्रकिया प्रारंभ कर दी। गीता रावत के पास से रूपये बरामद होने और लेखापाल के आपराधिक षडयंत्र में शामिल होने पर दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया। लोकायुक्त टीम में युवराजसिंह चौहान (टीआई), आशा सेजकर (टीआई), चंद्र मोहन चेतन परिहार, शेरसिंह ठाकुर आरक्षक थे। प्राप्त जानकारीनुसार रामा विकासखंड के ग्राम नरसिंहपुरा में दिसंबर 2014 में आंगनवाडी कार्यकर्ता अंतर डोडवे की नियुक्ति की गई थी और महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना की लेखापाल ने इस आंगनवाडी कार्यकर्ता के रूके हुए 3 माह के वेतन को निकालने तथा बिल बनाने के नाम पर सुपरवाईजर गीता रावत से 10 हजार रूपये की रिश्वत की मांग की थी।

Related Posts: