मुंबई,  आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी आइडिया सेलुलर लिमिटेड के निदेशक मंडल ने आज ब्रितानी कंपनी वोडाफोन की भारतीय इकाइयों वोडाफोन इंडिया लिमिटेड (वीआईएल) तथा वोडाफोन मोबाइल सर्विसेज लिमिटेड (वीएमएसएल) के विलय की मंजूरी दे दी।

विलय के बाद आइडिया देश की सबसे बड़ी दूरसंचार सेवा कंपनी बन जायेगी। आईडिया सेलुलर ने बीएसई को बताया कि नयी कंपनी में वोडाफोन की हिस्सेदारी 45.1 प्रतिशत होगी। पहले शेयरों का आवंटन इस प्रकार किया जायेगा कि नयी कंपनी में वोडाफोन की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत हो जिसमें वोडाफोन 4.9 प्रतिशत हिस्सेदारी आइडिया के प्रवर्तकों को 38.74 अरब रुपये में बेचेगी। इसके बाद उसकी हिस्सेदारी घटकर 45.1 प्रतिशत रह जायेगी जबकि आदित्य बिरला समूह की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत होगी।

समझौते के तहत समूह के पास भविष्य में वोडाफोन से और शेयर खरीदने का भी अधिकार होगा। कंपनी ने बताया कि इस विलय को शेयरधारकों, ऋणदाताओं, पूँजी बाजार नियामक सेबी, शेयर बाजारों, भारतीय प्रतिस्पर्द्धा आयोग, दूरसंचार विभाग, विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड, रिजर्व बैंक और सरकारी एजेंसियों की मंजूरी मिलना शेष है तथा पूरी प्रक्रिया में दो साल का समय लगने की संभावना है।

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