pclv1श्रीहरिकोटा,   भारत की स्वदेशी उपग्रह नौवहन प्रणाली(आईआरएनएसएस) के पहले चरण के लिये आवश्यक सात उपग्रहों की श्रृंखला के सातवें और आखिरी उपग्रह आईआरएनएसएस-1जी का आज यहां सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया गया और इसी के साथ भारत ने स्वदेशी जीपीएस बनाने की अपनी मंजिल हासिल कर ली।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष ए एस किरन कुमार ने कहा कि आईआरएनएसएस-1 जी का प्रक्षेपण सफल रहा और पीएसएलवी ने एक बार फिर अपनी क्षमता साबित किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आईआरएनएसएस-1 जी के सफल प्रक्षेपण पर इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई दी।

प्रक्षेपण की 51 घंटे 50 मिनट की उल्टी गिनती के बाद आज अपराह्न एक बजकर पचास मिनट पर प्रक्षेपण किया गया। आईआरएनएसएस-1 जी का वजन 1425 किलोग्राम है और यह पूर्ववर्ती उपग्रहों के ही समान है। इसमें भी दो पे-लोड हैं। एक नेविगेशन पे-लोड और दूसरा रेंजिंग पे-लोड। इस प्रक्षेपण के साथ ही भारत अमेरिका रूस के साथ उपग्रह नौवहन प्रणाली रखने वाले विशिष्ट देशों के क्लब में शामिल हो गया है।

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