आज होगा मुआवजे का ऐलान,
सबसे पहले खरीदारों को निकाला बाहर

संत नगर कार्यालय भोपाल,

रविवार को जलकर खाक हुआ करोड़ों का शॉपिंग कॉम्पलेक्स राजधानी के इतिहास में ऐसा काला अध्याय बन गया, जिसमें व्यापारियों का दर्द समाया हुआ है.

आग लगने के बाद जहां जेसीबी से कॉम्पलेक्स की दीवार तोड़ कर लोगों को बाहर निकाला गया, वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह, महापौर आलोक शर्मा से पल-पल की जानकारी लेते रहे. बैरागढ़ अग्निकांड से एक बार फिर नगर निगम की क्षमताओं पर उंगली उठ रही है.

दमकल का नाकारा अमला यहां मूक दर्शक बन गया, जबकि सेना को मोर्चा संभलाना पड़ा. सेना ने यहां अपनी तीन दमकल व फायर फाइटर की सेवायें जब दीं तो करीब एक हजार को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका.

यहां स्थिति इतनी खराब हो गई कि कॉम्पलेक्स के बाहर व्यापारियों के परिजन गुस्से का इजहार कर रहे थे. रविवार होने की वजह से यहां काफी भीड़ थी और सबसे बड़ी चुनौती अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने की थी. निगम के कर्मचारी जब नाकाम हुये तो सेना ने मोर्चा संभाला. इसकी वजह यह थी कि निगम के पास कोई भी प्रशिक्षित फायर आफीसर नहीं है.

उपराष्ट्रपति के दौरे से बढ़ी मुश्किलें

शॉपिंग कॉम्पलेक्स पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि उपराष्ट्रपति का भोपाल दौरा न होता तो अग्निकांड दो घंटे में समाप्त हो जाता. इसकी वजह यह थी कि उपराष्ट्रपति के दौरे की वजह से दमकलों को लालघाटी तक नहीं जाने दिया गया. यदि दमकल समय पर पहुंच जाती तो हादसा इतना बड़ा नहीं होता.

हादसे के बाद पहुंचे नेता व अफसर

बैरागढ़ जब जल रहा था, तब नेता व अफसर अपने कामों में व्यस्त थे. अग्निकांड के दो घंटे बाद महापौर आलोक शर्मा व विधायक आरिफ अकील यहां पहुंचे. बाद में कुछ पार्षद भी पहुंच गये. अफसर भी दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे. लोगों का कहना है कि यह त्रासदी इतनी बड़ी है कि व्यापारियों को इससे उबरने में कई साल लग जायेंगे.

आज होगी मुआवजे की घोषणा

व्यापारियों ने अग्निकारंड के बाद 25-25 लाख रुपये मुआवजे की मांग की, जिस पर कलेक्टर डॉ. सुदाम खांडे ने भरोसा दिलाया है कि शासन की नीति के अनुसार सोमवार को मुआवजे की घोषणा की जायेगी. व्यापारियों का कहना है कि एक-एक व्यापारी को यहां करोड़ों का नुकसान हुआ है, लेकिन अभी तक किसी तरह की राहत का ऐलान नहीं किया गया.

अतिक्रमण बना राहत कार्य में बाधक

बैरागढ़ की मुख्य सड़कों पर काबिज अतिक्रमण एक बार फिर राहत व बचाव कार्य में बाधक बन गया. व्यापारियों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बाद भी यहां अतिक्रमण न हटाये जाने की वजह से बचाव दल समय पर मौके पर नहीं पहुंच पाये एवं पूरा कॉम्पलेक्स खाक हो गया. गौरतलब है कि शहर में अतिक्रमण का बोलबाला है, लेकिन निगम कोई कार्रवाई नहीं करता.

 

Related Posts: