भोपाल,

निजी कॉलेजों में हो रहे छात्रसंघ चुनावों में आज सीआर एवं छात्रसंघ पदाधिकारीयों के लिए वोटिंग होनी हैं. सुबह 8 से 10 बजे तक सीआर प्रत्याशीयों के लिए वोटिंग होनी हैं, पर शहर के अधिकतर कॉलेजों में सीआर नामीनेशन वाले दिन ही मनोनीत हो गये हैं, इसीलिए वोटिंग के प्रति छात्रों का रूझान कम है.

उच्चशिक्षा विभाग ने शहर के 123 कॉलेजों की सूची जारी की थी, जिनमें चुनाव होने हैं, पर अधिकतर कॉलेज जमीनी हकीकत में नहीं हैं.

एनएसयूआई ने 123 कॉलेजों को ढूंढऩे के लिए एक लाख रूपये के इनाम की घोषणा के पर्चे कॉलेजों के बाहर चिपकाये हैं, एनएसयूआई के प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने बताया कि शहर में 123 कॉलेजों में चुनाव होने हैं, पर यह कॉलेज कागजों में ही संचालित हो रहे हैं, इसीलिए हमने इनाम की घोषणा की हैं.

यदि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया राजधानी में 123 कॉलेजों को ढूंढ़ लेते हैं, तो संगठन उन्हें इनामी राशी देगा. निजी कॉलेजों में चुनाव की स्थिति आज साफ हो जायेगी.

 

छात्रसंघ पदाधिकारीयों के लिए वोटिंग

सुबह 8 बजे से कॉलेजों में सीआर प्रत्याशियों के लिए वोटिंग होनी है,जो कि दो घंटे चलेगी. ज्यादातर कॉलेजों में सीआर निर्विरोध चुने गये हैं, जिससे सीआर पद की बची सीटों में आज क्लास के छात्र वोटिंग करेंगे. केरियर कॉलेज में 3 सीटें, आयपर कॉलेज में 8 सीटें, एक्सटॉल कॉलेज में 9 सीटें वोटिंग द्वारा चुनी जायेगी.

सीआर सीधे करेंगे पदाधिकारियों के लिए वोटिंग

शहर के राजीव गांधी कॉलेज, बीएनएस बीएड कॉलेज, मदन महाराज कॉलेज एवं तक्षशिला कॉलेज में निर्विरोध सीआर बने हैं, जिसके कारण यहां सीधे कॉलेज में छात्रसंघ पदाधिकारियों अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव एवं सहसचिव पदों पर सीधे वोटिंग होगी. शाम 5 बजे तक छात्रसंघ पदाधिकारीयों के शपथ ग्रहण के साथ कॉलेजों में आचार संहिता की समाप्ति हो जायेगी.

परिसर में पुलिस बल की तैनाती

छात्रसंघ चुनाव होने के कारण संस्थान में भारी पुलिस बल की तैनाती की जायेगी. कॉलेज में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश पूर्णत: वर्जित रहेगा. छात्रों को भी प्रवेश पत्र दिखाने के बाद संस्थान में प्रवेश मिलेगा, वोटिंग के बाद कैम्पस में सिर्फ सीआर ही कैम्पस में रहेंगे, जो कि छात्रसंघ पदाधिकारीयों के शपथ होने के बाद ही संस्थान से बाहर आएंगे.

सबके जीत के दावे

इन चुनावों में छात्रों का उत्साह गायब है, अधिकतर सीटों पर छात्रों ने नामीनेशन तक नहीं किया, परीक्षाओं के समय चुनाव होने से छात्र- छात्राओं की पढ़ायी प्रभावित हुयी हैं, चुनावों के दौरान छात्रों ने पढ़ायी को चुनाव की जगह तरजीह दी है.

चुनाव में सिर्फ प्रमुख छात्रसंघठन एबीवीपी एवं एनएसयूआई ने ही दमखम दिखाया हैं, पर बिना कैम्पस के छात्रों के यह चुनाव इनके लिए कठिन साबित होते हुये दिखे हैं, दोनो संगठन अपनी जीत के दावे कर रहे हैं, पर जीत किसकी होती हैं यह चुनाव के नतीजों के बाद ही पता चलेगा.

  • “इन चुनावों में एबीवीपी की जीत होती दिख रही है, अधिकतर कॉलेजों में हमारा भगवा ध्वज लहरायेगा, हर समय कॉलेज की समस्याओं के लिए लडऩे वाले छात्रनेता ही इन चुनावों में जीत कर आएंगे.”
    हर्ष चंदेल, विभाग संयोजक, एबीवीपी
  • “यह चुनाव सरकार, भाजपा एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी बनाम भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन में होते दिख रहा है. चुनाव परिणाम एनएसयूआई के पक्ष में होते दिख रहे हैं.”
    विवेक त्रिपाठी
    प्रदेश प्रवक्ता, एनएसयूआई

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