प्रशासनिक चेतावनी की आज खत्म होगी समय सीमा

नवभारत न्यूज भोपाल,

राजधानी के स्कूल प्रबंधकों को सोमवार तक का समय जिला प्रशासन ने दिया था कि वह स्कूल वाहनों की सुरक्षा संबंधी जानकारी पोर्टल में अपडेट करें. शहर में लगभग 3 हजार स्कूल वाहन चलते हैं, जिनमें छात्र-छात्रायें स्कूल जाते हैं. शहर में आरटीओ नियमित 300 वाहनों की फिटनेस के दस्तावेज जारी करता है.

पर्याप्त अमला नहीं होने के बाद भी इतनी भारी तादात में वाहनों की जांच मुश्किल कार्य है. सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का पालन किस प्रकार स्कूल व्हीकल कर रहे हैं, इस हेतु गुरुवार को जिला प्रशासन की बैठक हुई, जिसमें शहर के 30 स्कूल संचालक शामिल हुये.

यहां एडीएम, जिला शिक्षा अधिकारी, सांसद ने स्कूले संचालकों को सुरक्षा संबंधी मापदंडों को पूरा करने के निर्देश दिये थे. जिसकी जानकारी 15 जनवरी को जागरूक भोपाल पोर्टल पर साझा सभी संस्थान करेंगे. आज साफ हो जायेगा कि जिला प्रशासन की पहल पर कितने स्कूलों ने रुचि दिखाई है.

परिजनों को देंगे मार्गदर्शन

इंदौर की घटना के बाद परिजनों को मार्गदर्शन देने के लिये जिला प्रशासन और बाल अधिकार संरक्षण आयोग पालकों को वैनों व मैजिक में सुरक्षा की दृष्टिï से गाइड लाइन की जानकारी देंगे.

राजधानी में 629 निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं जिनमें पढऩे वाले छात्रों के परिजनों को अग्निशामक यंत्र, वैनों की अच्छी स्थिति व ड्राईवर आदि की जानकारी होनी चाहिये. इसीलिये स्कूल प्रबंधकों को परिजनों की जागरूकता का काम जिला प्रशासन ने दिया है कि वह पैरेंट्ïस मीट में छात्र-छात्राओं की पढ़ाई के साथ-साथ यातायात संबंधी विषयों पर भी चर्चा करें.

स्कूलों ने नहीं साझा की जानकारी

राजधानी में 629 स्कूल संचालित हो रहे हैं. इन स्कूलों में यातायात व्यवस्था की जानकारियां सोमवार तक जागरूक भोपाल पोर्टल में अपडेट करने के निर्देश जिला प्रशासन ने दिये हैं. शुक्रवार को 40 स्कूलों ने अपनी जानकारियां साझा की थीं.

शनिवार को भी इतनी तादात में स्कूलों ने सीसीटीवी कैमरे, ड्राईवरों की संख्या और बसों के मेन्टेनेंस संबंधी जानकारी अपडेट की है. अभी तक अधिकतम स्कूलों ने जानकारी पोर्टल पर साझा नहीं कीै जबकि इस पोर्टल का निर्माण प्रशासन एक वर्ष पूर्व कर चुका है.

शहर के शैक्षणिक संस्थानों को सूचनायें साझा करने के निर्देश पहले ही दिये जा चुके हैं पर प्रशासन ने कोई रुचि नहीं दिखाई लेकिन इन्दौर की घटना के बाद प्रशासन ने इस काम में तेजी दिखाई हैे.

बायपास रोड पर खुले हैं स्कूल

राजधानी में बायपास रोड पर स्कूल संचालित हो रहे हैं. यहां होशंगाबाद रोड, रायसेन रोड और बैरागढ़ आदि क्षेत्रों में स्कूल खुले हैं, जहां स्कूल वाहनों से दुर्घटना की संभावनायें अधिक होती हैं. स्कूल वाहनों के लिये तयशुदा गति 40 है और बायपास रोड पर वाहन तेज गति में दौड़ते हैं जिससे स्कूल वाहनों की सुरक्षा निश्चित नहीं है.

जिम्मेदारों की राय

इस विषय पर सांसद आलोक संजर ने बताया कि वह राजधानी में स्कूल वाहनों की सुरक्षा के लिये प्रयासरत् हैं. यातायात पुलिस, कलेक्टर व स्कूल प्रबंधकों के साथ वह नियमित स्कूल वाहनों का संज्ञान ले रहे हैं.
-आलोक संजर, सांसद

आयोग छात्रों के परिजनों को स्कूलों के समन्वयन से मार्गदर्शन करने का कार्य करने जा रहा है. पैरेंट्स मीट में परिजनों से वैनों व मैजिकों की सुरक्षा संबंधी विषयों पर भी चर्चा करेंगे.
-बृजेश चौहान सदस्य
 बाल अधिकार संरक्षण आयोग

प्रदेश में स्कूलों की मॉनीटरिंग का कार्य बाल संरक्षण आयोग कर रहा है. सुप्रीम कोर्ट की तयशुदा गाइड लाइन का पालन जिला प्रशासन के सहयोग से कराया जा रहा है. पोर्टल पर स्कूल वाहनों की जानकारी 51 जिलों के सभी स्कूलों से अपडेट कराई जा रही है.
-डॉ. राघवेंद्र शर्मा अध्यक्ष
 बाल अधिकार संरक्षण आयोग

 

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