mp1झाबुआ,  आज मंहगाई के दौर में अगर आप अपनी खून पसीने की मेहनत की गाढ़ी कमाई लेकर कही जा रहे हो और यदी रास्ते में वह गिर जाय तो ऐसे में आप पर क्या बितेगी। परन्तु कहते है कि आज के इस दौर में भी इंसानियत व ईमानदारी जिंदा है। ऐसी ही मिशाल नगर में गुरूवार को नगरपालिका परिषद के फ ायर चालकों ने पेश की।

झाबुआ विधुत मंडल कार्यालय के पीछे निवास करने वाले अब्दुल पिता सिराज मोहम्मद ने बताया कि वह दोप. 3.30 बजे के करीब मिशन स्कूल (अंग्रेजी माध्यम) के पास स्थित फ ोटो कॉपी की दुकान से दस्तावेजों की फ ोटो कॉपी करवाकर मोटर सायकल के साईड हेण्डल पर 60 हजार रूपये से भरी थैली टांगकर मकान व दुकान का टेक्स जमा करने हेतु आजाद चौक जा रहा था कि अचानक रास्ते में उनके रूपयों से भरी थैली कही गिर गई। अब्दुल को छोटे तालाब के समीप अचानक ध्यान आया कि साईड के हेण्डल पर टंगी थैली नदारद है। वैसे ही उसके होश उड़ गये, उनकी समझ में नहीं आया कि क्या करे और क्या न करें। उसने दो-तीन बार मोटर सायकल से पुरे रास्ते को नाप डाला तथा लोगों से पुछताछ भी की परन्तु रूपयों से भरी थैली का कही से कही तक कोई पता नहीं चला।

वही दुसरी ओर फ ायर स्टेशन पर बैठे वाहन चालक कमलेश, सोहन, सहायक गुलाबसिंह गुंडिया एवं राजु की नजर अचानक एक लड़के पर पड़ी जो सडक पर पडी थैली को खोलकर देख रहा था। चिल्लाने पर लडका थैली छोडकर भाग गया। वाहन चालकों ने थैली लेकर जब उसे खोला तो उसमें काफ ी रूपये दिखाई दिये। जिसे देखकर दमकल कर्मी समझ गये कि रूपये से भरी थैेली किसी राहगीर की है। उन्होंने उसी वक्त आस पास पुछताछ की जिसमें उन्हें पता लगा कि यह थैली अब्दुल मसाले वाले की है, जो काफ ी देर से इसकी खोजबीन कर रहा है।

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