गांधी जी को प्रणाम

सत्य अहिंसा अपरिग्रह से जुड़ा है जिनका नाम

साधनों की शुचिता के थे जो मूर्तिमंत सुधाम

गोली खाकर भी मुख से जिनके निकला था-हे राम         

मानवता के उन्हीं मसीहा गांधी जी को प्रणाम                     

-अज़हर हाशमी 

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