mp2अशोकनगर,  अशोकनगर की जिला जेल में पिछले 23 दिन से बिना किसी अपराध के लगभग 8 वर्ष का बच्चा जेल में बंद है. नवभारत की टीम ने जिला जेल पहुंचकर निरूद्ध बच्चे एवं उसके साथ बंदी पिता एवं दादा से चर्चा की तो प्रशासनिक तौर पर हलचल मच गई.

जानकारी के अनुसार गजानंद आदिवासी जिसकी उम्र लगभग 8-9 वर्ष होना पाई गई है.वह अपने पिता ब्रजेश एवं दादा बुंदेलसिंह आदिवासी निवासी ग्राम चारौदा पुलिस थाना शाढ़ौरा क्षेत्र को मारपीट के मामले में दोष सिद्ध पाये जानें पर एक वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया है.जिसके साथ दण्डादेश दिनांक 4 जनवरी से ही बंदी का 8 वर्षीय पुत्र गजानंद भी सलाखों के पीछे विभिन्न अपराधों मेें बंदी बनाये गये अन्य अपराधियों के बीच नियम विरूद्ध प्रतिकूल वातावरण में रहकर कैदियों की तरह निरूद्ध है.

बंदी बुंदेल सिंह ने प्रकरण में फैसले के वक्त न्यायालय से उक्त बच्चे को साथ रखने की जिद की थी.जिससे उक्त किशोर को बंदी के साथ दण्डादेश के वांरट पर जेल भेज दिया था. जबकि समाज में नाबालिग बच्चों के लिये हर संभव दशाओं में अनूकूल वातावरण में रखे जानें की जरूरत पर बल दिया गया है.लेकिन गजानंद के मामले में ऐसा कुछ भी दिखाई नही देता.बल्कि वह तो पिछले कई दिनों से समाज के खतरनाक अपराधियों के बीच मानसिक कुपोषण का शिकार होने की बात से नकारा नही जा सकता.

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