23modi2कुआलालंपुर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आतंकवाद को धर्म से अलग रखने की पुरजोर वकालत करते हुए आज कहा कि आतंकवाद मौजूदा दुनिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती है और इस संकट के खात्मे के वास्ते मिलकर सख्त कदम उठाने की जरूरत है.

प्रधानमंत्री ने यहां मलेशिया अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक केंद्र में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आतंकवाद को धर्म से जोड़कर नहीं देखा जा सकता है. आतंकवाद को फैलाने वाले धर्म का सहारा लेकर लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं. आतंकवाद सभी धर्म के लोगों पर कहर बरपा रहा है और प्रत्येक धर्म का नागरिक आतंकवादी हिंसा में मारा जा रहा है. आतंकवाद का संबंध किसी धर्म से नहीं है इसलिए आतंकवाद को धर्म से अलग करके देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि आतंकवाद की कोई सीमा नहीं होती है और न ही यह किसी एक देश तक ही सीमित है. पूरी दुनिया इसकी चपेट में है. जहां मानवता नहीं है वहीं आतंकवाद हैं और अमानवता तथा मानवता के बीच यही बुनियादी फर्क है.

उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया आज आतंकवाद को महसूस कर रही है और मौजूदा विश्व में सभी जगह आतंकवाद फैल चुका है. आतंकवाद आज के विश्व समुदाय के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है. पूरी दुनिया को एकजुट होकर इससे लडऩा है और तय करना है कि किसी भी तरह आतंक को बढ़ावा नहीं मिल सके. श्री मोदी ने कहा कि वह पहले भी आतंकवाद से लडऩे के लिए विश्व समुदाय का आह्वान कर चुके हैं और वह दोहराना चाहते हैं कि पूरी दुनिया का मौजूदा समय की सबसे बड़ी चुनौती आतंकवाद से लडऩे के लिए एकजुट हो जाना चाहिए.

Related Posts: