bricsपणजी,  ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर निर्णायक कार्रवाई करने के साथ कल जारी घोषणापत्र में कर चोरी तथा मनी लांड्रिंग रोकने के लिए कर सूचनाएँ साझा करने और अपनी अलग रेटिंग एजेंसी बनाने के काम को गति देने पर सहमति जतायी। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में विकासशील देशों के लिए ज्यादा प्रतिनिधित्व की भी माँग की।

उभरती अर्थव्यवस्था वाले देशों- ब्राजील, रूस, भारत, चीन तथा दक्षिण अफ्रीका- के संगठन ब्रिक्स के आठवें शिखर सम्मेलन में जम्मू-कश्मीर के उरी में हुये आतंकवादी हमले की भी निंदा की गयी तथा कहा गया कि सदस्य देश आतंकवाद के लिए अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं होने देंगे। उन्होंने तीन सहमति पत्रों पर भी हस्ताक्षर किये जिसमें ब्रिक्स देशों के कृषि अनुसंधान मंच का गठन, राजनयिक अकादमियों के बीच आपसी सहयोग तथा ब्रिक्स की सीमा शुल्क सहयोग समिति पर नियमन का प्रावधान शामिल है।

घोषणापत्र में कहा गया है, “हम भारत समेत कुछ ब्रिक्स देशों में हाल में हुये आतंकवादी हमलों की निंदा करते हैं। हम हर स्वरूप में आतंकवाद और इसके प्रसार की निंदा करते हैं तथा हमने इस बात पर जोर दिया है कि किसी भी आतंकवादी गतिविधि को न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता; चाहे वह आदर्शवाद, धार्मिक, राजनीतिक और नस्लवाद के नाम पर क्यों न हो।

हम अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से मुकाबले के लिए द्विपक्षीय तथा अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुये हैं।” इसमें कहा गया है, “आतंकवाद, हिंसक अतिवाद, उग्रवाद, विदेशी आतंकवादी लड़ाकाें सहित सभी आतंकवादी गतिविधियों से निपटने के लिए जरूरी है कि संगठित तरीके से अपराध को आर्थिक मदद मुहैया कराने वाले स्रोतों को बंद किया जाये, जिसमें हवाला, ड्रग तस्करी सहित आपराधिक गतिविधियाँ शामिल हैं।”

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