modiलखनऊ,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दहशतगर्दी के खिलाफ विश्व की तमाम ताकतों को एकजुट होने का आह्वान करते हुए आज यहां कहा कि आतंकवाद को समाप्त किये बिना मानवता की रक्षा नहीं हो सकती।

श्री मोदी ने ऐशबाग की प्राचीन रामलीला में राम,लक्ष्मण और हनुमान जी के पात्रों की पूजा अर्चना के बाद अपने संबोधन में आतंकवाद को विश्व के सामने आज मौजूद सबसे बडा खतरा करार देते हुए कहा कि कोई माने कि हम आतंकवाद से बचे हैं तो यह उसकी भूल होगी। आतंकवाद विश्व की मानवता के लिए सबसे बडा खतरा है। दुनिया को इसके खिलाफ एकजुट होना जरुरी हो गया है।

पाकिस्तान समेत किसी भी अन्य देश अथवा संस्था का नाम लिये बगैर उन्होंने कहा, “आतंकवाद और आतंकवादियों को पनाह या मदद देने वालों को भी समाप्त करना जरुरी हो गया है। इन्हें किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। विश्व की मानवतावादी शक्तियों को एकजुट होकर इसके खिलाफ लडाई लडनी ही होगी।”

प्रधानमंत्री ने करीब 20 मिनट के अपने संबोधन में कहा कि 30-40 साल पहले भारत जब आतंकवाद की चर्चा करता था तो दुनिया के कई देशों के गले नहीं उतरता था।

अमेरिका तो इसे भारत की कानून-व्यवस्था की समस्या बताता था लेकिन उन्हें 26/11 की घटना के बाद समझ में आया कि आतंकवाद क्या है।

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