पठानकोट वायुसेना के बेस केम्प पर आतंकी हमला हो जाने से कई परिणाम सामने आये और हमारी सतर्कता भी बढ़ी है. इसके बाद भी कुछ ऐसी घटनाएं हो रही है जिससे आतंकियों की घुसपैठ के बारे में यह पता चल रहा है कि पाकिस्तान समर्थक व समर्थन से काफी घुसपैठ भारत में हो चुकी है.

पठानकोट हमले के बाद देश के सभी 52 वायुसेना के केम्पों को सतर्क कर दिया गया है. देश में कई ऐसे आतंकी पकड़े गये है और सिलसिला जारी भी है, जिनका संबंध इस्लामी स्टेट से है. दिल्ली की जामा मसजिद के शाही इमाम सैय्यद अहमद बुखारी इनकी हिमायत व हिफाजत के लिये भी बयानबाजी कर रहे हैं.
मध्यप्रदेश में वायुसेना के दो स्टेशन एक बैतूल के पास आमला में और दूसरा ग्वालियर में है. ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन परिसर के घुसने के प्रयास में, असगर और फीरोज नाम के दो व्यक्ति पकड़े गये है. ये लोग फर्जी आई.डी. के सहारे परिसर में घुसने का प्रयास कर रहे थे. इनकी पूछताछ में तीन अन्य व्यक्ति भी गिरफ्तार किये गये हैं.

पश्चिम बंगाल के वर्धवान जिले के जमालपुर क्षेत्र में 6 व्यक्ति शाकिर अहमद, सलीम अख्तर, शेख इरफान, शेख अंसार उद्दीन, अब्दुल अख्तर और शेख शाहरुख पकड़े गये हैं. ये लोग एक कार में फर्जी स्टिकर लगाये संदिग्ध अवस्था में घूम रहे थे. कार के स्टिकर पर लिखा हुआ था ‘गवर्मेन्ट आफ इंडिया, मिनिस्ट्री आफ डिफेन्स, आर्डीनेंस फैक्ट्री बोर्डÓ कलकत्ता. इस कार का नंबर डब्ल्यू.बी- 04जी-1137 है जो अब्दुल कदीर के नाम दर्ज है. ये लोग कोलकाता से दुर्गापुर आ
रहे थे.

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से हाल ही में इस्लामी स्टेट से जुड़ा आतंकी जो अजहर नाम का व्यक्ति पकड़ा गया है उसके संदर्भ में पुलिस को यह ज्ञात हो रहा है कि भोपाल में इस्लामी स्टेट के 6 आतंकी कहीं छुपे हुए हैं, जिनका देशद्रोही संगठन सिमी (स्टूडेंट आफ इस्लामिक मूवमेंट आफ इंडिया) से है. अजहर ने यह बताया कि उसे यह हिदायत दी गयी थी कि मध्यप्रदेश में छुपे रहना आसान है इसलिए यह भोपाल में खामोशी से छिपा रहे. इस्लामी स्टेट के एक सरगना मुद्दाविर ने उसे कहा था कि फिलहाल वह कोई वारदात न करे, बाद में उसे कभी बताया जाएगा कि क्या
करना है.

ऐसे ही माहौल में पहले उत्तरप्रदेश के विवादित मंत्री आजम खान ने और अब दिल्ली के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने आतंकियों हिमायत व बचाव करने वाले बयान में कहा है कि मुसलमान युवाओं की इस्लामी स्टेट से जुड़े होने के आरोप में भारी धड़पकड़ हो रही है. इस मामले में गहरी जांच-पड़ताल के बाद ही गिरफ्तारियां होनी चाहिए. कई मुस्लिम संगठनों ने कहा है कि हाल ही ऐसे मुसलमान युवकों की गिरफ्तारी हुई है जिनका ‘लिंकÓ इस्लामी स्टेट से जुड़ा होना पाया गया है. इससे मुसलमानों के प्रति खौफ व दुश्मनी का भाव समाज और देश में फैल रहा है. सरकारों को ऐसे मामलों में जल्द से जल्द स्थिति साफ कर देना चाहिए. लेकिन दूसरी ओर यह भी नितान्त जरूरी है कि ऐसे लोगों से पूरी पूछताछ और साजिश का पता लगाने के लिए पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों को ऐसे तत्वों को हिरासत में लेकर पूछताछ करनी ही होगी. पुलिस को राष्टï्र की सुरक्षा के लिये और उन पर मुकदमा चलाने के लिये पूरी जानकारी व सबूत इक_ïा करने पड़ते है. आतंकी खुद तो सारी बातें कुबूलता नहीं है. उसे घेरना व सख्ती करना लाजमी होता है. जहां तक देश की सुरक्षा का सवाल है उस पर कोई ढील नहीं दी जा सकती है. उसके लिये चाहे जितने लोगों को पकड़ा और पूछताछ से लाया जाए.

Related Posts: