mp1खंडवा,   आदिम जाति कल्याण विभाग से जिले के आदिवासी बच्चों की व्यवस्थाएं संभल नहीं पा रही हैं। करोड़ों रुपए के बजट के बावजूद छात्रों व छात्राओं को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। खालवा की मैट्रिक छात्रावास के बच्चों ने एसीई खंडवा के दफ्तर को घेर लिया। उन्होंने एबीवीपी के साथ मिलकर काफी नारेबाजी की।

छात्रों व एबीवीपी ने आरोप लगाए कि बच्चों को पढऩे नहीं दिया जा रहा है। छात्रावास अधीक्षक बच्चों से खाना बनवाते हैं। जरूरी सुविधाएँ उन्हें सरकार की तरफ से तो दी जा रही है लेकिन उन तक नहीं पहुंच रही हैं। होस्टल में भर्ती के लिए मनमाने पैसे के लिए छात्रों व पालकों पर दबाव बनाया जाता है।

आरोप है कि जिले में बैठे अफसर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उनका ही संरक्षण होने के चलते छात्रावास अधीक्षक हर मामले में उन्हें संरक्षण दे रहे हैं। एक डेढ़ माह बाद दसवीं बारहवीं की परीक्षाएं हैं। यहां का नेतृत्व विधायक के रूप में विजय शाह करते हैं।

वे भी आदिवासी बच्चों के संरक्षक हैं। आदिम जाति कल्याण मंत्री रह चुके हैं। उनके समय में काफी प्रगति व छात्र छात्राओं की सुविधाओं के लिए काम हुए। कुछ बच्चे तो विदेशों में शिक्षा ले रहे हैं।

सवाल यह उठता है कि अचानक कैसे यहाँ की व्यवस्थाओं को दुर्गती के पंख लग गए? इसकी जांच होनी चाहिए। खालवा से आए आक्रोशित छात्रों को कोई अफसर नहीं मिला। उन्होंने छोटे बाबू श्री चंदेल को ही ज्ञापन देने के लिए मजबूर होना पड़ा।

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