नयी दिल्ली,

नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने वितरण कंपनियों की सेहत सुधारने के लिए राज्य सरकारों से आधार कार्ड के जरिये बिजली सब्सिडी देने को कहा है।

श्री कांत ने इंडिया एनर्जी फोरम की ओर से यहां आयोजित ‘20वें इंडिया पावर फोरम -2017 ’को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कहा कि सब्सिडी का बोझ बिजली वितरण कंपनियों पर नहीं पड़ना चाहिए ।

राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बिजली सब्सिडी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के जरिये मिले। कृषि क्षेत्र के लिए फीडर अलग करने के काम में तेजी लाने की जरूरत पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को प्रति एकड़ के हिसाब से सब्सिडी देेने की बजाय यह डीबीटी के जरिये मिलनी चाहिए ।

आपूर्ति और उपभोक्ता के स्तर पर बिजली की निगरानी को चुनौती बताते हुए उन्होंने फीडर की निगरानी में कोताही पर चिंता जतायी । उन्होंने बताया कि गांवों के कुल एक लाख 22 हजार फीडरों में से मात्र चार हजार की निगरानी हो रही है जबकि शहरों में 80 प्रतिशत की जा रही है।

घाटे में चल रही वितरण कंपनियों की सेहत सुधारने के लिए शुरू की गयी ‘उदय ’ योजना की सफलता के लिए उन्होंने इसकी सख्त निगरानी की जरूरत बतायी।

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